सरना दल ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से की मुलाक़ात, सौंपा ज्ञापन


  • गणतंत्र दिवस पर बिगड़े हालात एवं मौजूदा हालातों के बारे में की चर्चा
  • गिरफ्तार किए गए सिख युवाओं की रिहाई की मांग
  • पुलिस आयुक्त ने दिया सिखों को भरोसा, नहीं होने देंगे अन्याय
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के बाद राजधानी दिल्ली में बिगड़े हालात के बाद, शांति बहाली के प्रयासों के बीच  एक बड़ी पहल करते हुए शिरोमणी अकाली दल (दिल्ली) के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की।  पार्टी के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल ने  दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस. एन श्रीवस्तव से मिलकर ज्ञापन सौंपा।   करीब 35 मिनट चली बैठक में सिख नेताओं ने पुलिस आयुक्त से हर मुद्दे पर विस्तार से बातचीत की।इस मौके पर  निर्दोश लोगो की जल्द रिहाई के सम्बद्ध में चर्चा हुई। इसके साथ ही उन विंदुओं पर चर्चा हुई जिससे ऐसी घटनाओं की पुनर्विर्ती ना हो सके। दिल्ली में लगे बैरिकेड के मुद्दे पर भी बात हुई जिसके बारे में पुलिस आयुक्त ने खुल कर बाते रखी और बताया कि यह बेरिकेडिंग किसानों के द्वारा प्रस्तावित संसद मार्च के मद्देनजर लगाई गई थी। जिससे परेशान होने की आवश्यकता नही है। साथ ही मैंने हर तरह के हुड़दंगियों के साथ सख्ती से निपटने का सलाह भी दिया जो कि राज्य का माहौल खराब करना चाहते है।" दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व  प्रधान हरविंदर सिंह सरना मौजूद थे। उन्होंने  बताया कि "तिरंगे की आड़ में जिन लोगो ने देश की सेक्युलर ख़ूबशूरती को खराब करने की कोशिश की है, वह घोर निंदनीय है। उनके साथ कठोरता से निपटने की जरूरत है। साथ ही हमें यह भी आस्वस्त करना है जिससे गुरुद्वारा शीशगंज  साहिब गुरुद्वारा के सामने हुई शरारत फिर से ना हो सके।
पार्टी के महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने बताया कि" बैठक में 122 लापता या गिरफ्तार सिख युवाओं को लेकर चर्चा हुई। प्रतिनिधि मण्डल ने उन सभी बच्चों की लिस्ट देने का निवेदन किया है, जिससे हम उनको जरूरी कानूनी मदद मुहैया करा सके। इसको लेकर शिरोमणि अकाली दल दिल्ली ने एक लीगल टीम तैयार की है ।लीगल टीम ने  हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए है। बैठक में पुलिस आयुक्त ने भरोसा दिया है कि किसी भी बेगुनाह व्यक्ति को सजा नही होगी।साथ ही उनको आधारभूत कानूनी प्रक्रिया के उपराँत छोड़ दिया जाएगा। "इस मौके पर  यूथ विंग प्रधान रमनदीप सिंह, मंजीत सिंह सरना और दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के सदस्य करतार सिंह चावला (विकी )भी मौजूद थे।
ज्ञात हो की 26 जनवरी कों किसानों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर परेड  में कुछ लोगो ने अपने निहित स्वार्थों को वजह से माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की थी। इस मामले में  दिल्ली पुलिस में कई पंजाब के युवाओं को हिरासत में भी लिया था। इसमें से कुछ लोग छूट गए हैं लेकिन अभी भी 100 से अधिक लोग  पुलिस कस्टडी में हैं। इन युवाओं  की रिहाई और बिगड़े हालात को संभालने की बावत  शिरोमणि अकाली दल दिल्ली ने एक महत्वपूर्ण बैठक की । बैठक के दौरान ही फैसला लिया गया कि आंदोलनकारी किसानों एवं युवाओं की मदद के लिए पार्टी की ओर से मुफ्त में कानूनी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए बाकायदा एक हाई लेवल लीगल टीम बनाई गई है। टीम ने अपना काम भी शुरू कर दिया है।