अंतिम सांसें गिन रहे लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करने वाले शरीफ चचा के घर आएगा उनका पद्मश्री अवॉर्ड


  • फैजाबाद के शरीफ चाचा को उनका पद्मश्री अवॉर्ड दिलाने के लिए बीजेपी सांसद और विधायक आगे आए हैं
  • अयोध्या से विधायक वेद गुप्ता और सासंद लल्लू सिंह ने वादा किया है कि वह इस संबंध में केंद्र को पत्र लिखेंगे
  • मोहम्मद शरीफ उर्फ शरीफ चाचा पिछले 25 साल में 25,000 से ज्यादा लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं
अयोध्या। लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करने वाले फैजाबाद के शरीफ चाचा को उनका पद्मश्री अवॉर्ड दिलाने के लिए बीजेपी सांसद और विधायक आगे आए हैं। अयोध्या से विधायक वेद गुप्ता और सासंद लल्लू सिंह ने वादा किया है कि वह केंद्र को पत्र लिखकर उनके खराब स्वास्थ्य हवाला देते हुए पद्मश्री पुरस्कार घर तक भिजवाने का आग्रह करेंगे। शरीफ चाचा की हालत इन दिनों काफी बदतर हो गई है। एक ओर वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो दूसरी ओर खराब स्वास्थ्य से। वह बिस्तर पर ही रहते हैं। कर्ज में डूबे शरीफ चाचा ने पिछले साल 2,500 रुपये उधार लेकर दिल्ली जाने के लिए ट्रेन का टिकट लिया था, हालांकि कोरोना के चलते राष्ट्रपति भवन में पद्म अवॉर्ड कार्यक्रम रद्द हो गया था।
मासिक भत्ता और फ्री राशन देने की बात
शनिवार सुबह से ही शरीफ चाचा के दो कमरे के जर्जर मकान में सामाजिक कार्यकर्ता, सरकारी डॉक्टर, स्थानीय लोग और नेताओं का आना-जाना लगा है। विधायक वेद गुप्ता ने शरीफ चाचा के लिए फंड जुटाने करने का आश्वासन दिया और यह भी बताया कि उन्होंने राज्य सरकार से शरीफ चाचा के लिए मासिक भत्ता देने और फ्री राशन मुहैया कराने की बात की है।
पूर्व मंत्री ने किया क्राउंडफंडिंग
पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ने भी परिवार को पैसे दान दिए और क्राउडफंडिंग लॉन्च करने का वादा किया। फैजाबाद से बीजेपी सांसद लल्लू सिंह ने बताया, 'मैं केंद्र सरकार में वरिष्ठ अधिकारियों से शरीफ चाचा के घर मेडल की डिलिवरी के लिए बात की है। मैं फंड की व्यवस्था करूंगा और मुफ्त इलाज सुनिश्चित करूंगा।'
डॉक्टरों की टीम ने किया चेकअप
शनिवार दोपहर को एडीएम वैभव शर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय मेडिकल टीम ने शरीफ चाचा के घर का दौरा किया। वैभव शर्मा ने कहा, सीनियर डॉक्टरों ने मेडिकल चेकअप किया और हमने परिवर को पूरी मेडिकल हेल्प का वादा किया है।
25,000 से ज्यादा लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार
शरीफ चाचा पिछले 25 साल में 25,000 से ज्यादा लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। वह फैजाबाद में मोहल्ला खिरकी अली बेग में एक किराये के मकान में रहते हैं। उनके दो बेटे शागीर और अशरफ हैं जो थोड़ा बहुत कमाते हैं लेकिन इससे घर का खर्चा बमुश्किल ही चल पाता है।