बदला लेने के लिए जानलेवा हमला, गिरफ्तार हुए तो ठगी के धंधे का हुआ खुलासा


नई दिल्ली। बेटी को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे एक बाइक सवार शख्स पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों में एक पड़ोसी रह चुका है। आरोप है कि पत्नी से अभद्रता की थी। घायल की पहचान संत नगर, बुराड़ी निवासी राजकुमार के तौर पर हुई। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पुलिस ने इस संबंध में मुख्य आरोपी समेत चार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि चीटिंग भी करते हैं। गैंग फर्जी कागजात के आधार पर बाइक या कार फाइनेंस कराकर उसे आगे फर्जी दस्तावेजों की मदद से एक ऑनलाइन साइट पर बेच देते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, 45 चेकबुक, 28 अलग-अलग बैंक के पासबुक, 34 आधार, 68 वोटर आईकार्ड, 65 पैन कार्ड, 20 मोबाइल फोन के अलावा भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले कागजात बरामद किए हैं।
डीसीपी अंटो अल्फोंस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान अमरोहा निवासी नसीम अहमद, नावेद खान, इमरान और अमित मेहरा के रूप में हुई है। दरअसल, 15 फरवरी को संतनगर बुराड़ी निवासी राजकुमार अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने गए थे। वहां से वापस लौटते समय जैसे ही वह राधाकृष्ण मंदिर, चंदर विहार, बुराड़ी पहुंचे तो अचानक बाइक सवार दो युवकों ने राजकुमार पर चाकू से हमला कर दिया। राजकुमार बुरी तरह जख्मी हो गए। आरोपी मौके से फरार हो गए। बुराड़ी थाने में हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हुआ। लोकल पुलिस के अलावा जिले के स्पेशल स्टाफ को भी जांच में लगाया। करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर चार आरोपियों को दबोच लिया। सभी की दो दिन की पुलिस रिमांड ली तो पता चला कि ठगी भी करते हैं। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी नसीम ने बताया कि करीब छह महीने पहले तक वह राजकुमार वाली बिल्डिंग में दूसरी मंजिल में किराए पर रहता था। पानी लीक होने को लेकर राजकुमार की पत्नी ने नसीम की पत्नी की खूब बेइज्जती की थी। इसका बदला लेने के लिए आरोपी ने साजिश रची। 2016 में नसीम की जेल में इमरान से मुलाकात हुई थी। तभी से दोनों साथ में अपराध कर रहे थे। नसीम के कहने पर इमरान ने अपने दोस्त नावेद के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह लोग किराए का मकान लेकर फर्जी कागजात पर बैंक में अकाउंट खोलते थे। चेकबुक लेने के बाद उसी पते पर बाइक या कार को फाइनेंस करा लिया जाता था। बाद में मकान खाली कर आरोपी गाड़ी समेत फरार हो जाते थे। इसके बाद लोन पूरा होने की एक फर्जी एनओसी आरोपी खुद ही बनाकर बाइक या कार को ओएलएक्स पर बेच देते थे। आरोपियों के पास से एक बाइक व स्कूटी भी बरामद हुई है।