दादरी की गोपाल पैथ लैब सील, संचालक समेत सात नामजद, चार गिरफ्तार


ग्रेटर नोएडा/दादरी। दादरी की गोपाल पैथ लैब में बिना अनुमति जायडस कैडिला कंपनी की वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल मामले में पुलिस ने लैब संचालक दादरी निवासी विकास वशिष्ठ सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि विकास सहित तीन लोग फरार हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को मौके से साक्ष्य एकत्रित करने के बाद लैब को सील कर दिया है। पुलिस फरार अभियुक्तों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार, दादरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉक्टर संजीव सारस्वत ने शिकायत में आरोप लगाया है कि गोपाल पैथ लैब पर मंगलवार को गाजियाबाद के अस्पताल के डाक्टरों की टीम ने कोविड वैक्सीन लगाने के लिए शिविर लगाया था, जहां क्लीनिकल ट्रायल चल रहा था। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से बिना अनुमति लिए 19 लोगों को वैक्सीन लगा दी गई। वैक्सीन लगवाते विकास के ही परिवार के सदस्य व होम्योपैथी डॉक्टर संजीव ने नगर के रजिस्टर्ड डाक्टरों के व्हाट्सएप ग्रुप पर फोटो वायरल कर दी। इस ग्रुप में दादरी के चिकित्सकों के साथ ही दादरी स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी जुड़े हैं। टीके की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। तत्काल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस के साथ गोपाल पैथ लैब पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की तो हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संचालक समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।

इसके बाद पुलिस ने मुज्जफरनगर के सिविल लाइन निवासी रिजवान, मूलरूप से आजमगढ़ के चेरा कटघरा व हाल पता कैला भट्टा गाजियाबाद निवासी सुधाकर यादव, आंबेडकर नगर के सांखवीर निवासी सुरेश कुमार सिंह और बस्ती के गांव बडा बढ़ैया निवासी डॉक्टर संजय श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। संजय गाजियाबाद में रहता है और फ्लोरिस अस्पताल में तैनात है। प्रताप विहार गाजियाबाद निवासी निवासी महेश चौधरी, गोपाल लैब का संचालक विकास वशिष्ठ व नारी रक्षा दल का एक सदस्य अभी फरार हैं। पैथ लैब से 260 वैक्सीन, सिरिंज, लैब का सामान समेत अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। 
लैब को सील कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फरार अभियुक्तों की पुलिस तलाश कर रही है। - राजवीर सिंह चौहान, प्रभारी निरीक्षक, दादरी कोतवाली
फ्लोरिस अस्पताल भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार, मौके पर गाजियाबाद के फ्लोरिस अस्पताल का डॉक्टर संजय श्रीवास्तव मौजूद था। आरोप है कि इस अस्पताल के साथ पैथ लैब का करार था, जिसके तहत यहां वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल हो रहा था। हालांकि, इस संबंध में अस्पताल के निदेशक डॉक्टर एमके सिंह से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।