सवा पांच लाख का इनामी गैंगस्टर अशोक प्रधान गिरफ्तार


  • दिल्ली और हरियाणा का मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर है अशोक प्रधान
  • अशोक प्रधान 2014 में पैरोल जंप करने के बाद से ही था फरार
  • पेशी के दौरान नीरज बवाना और नवीन बाली को मारना चाहता था गैंग
नई दिल्ली। दिल्ली और हरियाणा के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर अशोक उर्फ प्रधान और उसके सहयोगी को अरेस्ट किया गया है। इनमें अशोक के ऊपर सवा पांच लाख रुपए और दूसरे आरोपी अरुण उर्फ बाबा पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था। गैंगस्टर अशोक प्रधान साल-2014 में पैरोल जंप करने के बाद से फरार चल रहा था। वह हत्या और लूट जैसे सात अपराधिक मामलों में वांछित था। जबकि अरुण हत्या और हत्या की कोशिश के दो केस में वांछित था। पुलिस ने इनके पास से रोहतक से लूटी गई मारुति सियाज कार और दो भरी हुई पिस्टल बरामद की हैं। इनकी प्लानिंग नीरज बवाना और नवीन बाली को कोर्ट में पेशी के लिए आने पर मारने की थी। स्पेशल सेल के डीसीपी मनीषी चंद्रा के मुताबिक, अशोक प्रधान और अरुण बाबा के मिलेनियम पार्क, आउटर रिंग रोड की ओर आने की जानकारी मिली थी। एसीपी एसएच राहुल के सुपरविजन में इंस्पेक्टर विक्रम दहिया और संदीप डबास के साथ एसआई मंजीत, सुमेर सिंह, निशांत दहिया, संदीप, एएसआई बच्चू सिंह, गौरव, राकेश यादव, नवीन कुमार, हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार, दीपक, कॉन्स्टेबल अजय सेहरावत, धीरज, राज कुमार, नवीन छाबड़ा, कैलाश चंद, पंकज, दीपक, नरेंद्र, प्रवीन और कृष्ण ने ट्रैप लगाकर पकड़ा। गांव निलौठी के रहने वाले गैंगस्टर अशोक प्रधान पर हरियाणा पुलिस ने पांच लाख रुपए और दिल्ली पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। इसकी जेल में बंद नीरज बवाना से दुश्मनी चल रही थी। इस कारण दस साल में दर्जन भर लोग मारे जा चुके थे। अशोक प्रधान के ऊपर दस अपराधिक केस दर्ज थे। अशोक प्रधान ने पूछताछ में बताया साल-2018 उसने अपने गैंग के सदस्यों के संग मिलकर झांसी के एक बिजनेसमैन पर हमला किया था। कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के नाम पर हुई इस डील में बिजनेसमैन की तो जान बच गई, लेकिन उसका ड्राइवर मारा गया। साल-2020 में उन्होंने बहादुरगढ़ के काउंसलर रवि खत्री से 50 लाख की रंगदारी मांगी थी। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गैंग के बाकी गुर्गों की तलाश कर रही है।