थाने से फर्जी जमानती तस्दीक कराकर ले ली जमानत


बुलदंशहर। लूटपाट और जानलेवा हमले के आरोपी की शातिरों ने फर्जी जमानती पेश कर जमानत कर ली। मामले में पीड़ित पक्ष ने एसएसपी को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। जनपद हापुड़ के कस्बा संभुपुरा निवासी सुभलाल ने बताया कि, 24 जून 2016 में हापुड़ में ही उनके बेटे सनोज पर खुर्जा नगर के सनेता सफीपुर के रहने वाले सतवीर उर्फ छोटू ने लूटपाट करते हुए जानलेवा हमला किया था। तब बेटे की हालत गंभीर थी तो वह उसका इलाज कराने में व्यस्त रहे और कुछ महीने बाद साल 2017 में हापुड़ की नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवा दी थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद सतवीर को पुलिस ने जेल भेज दिया था और 16 नवंबर 2017 को इलाहाबाद हाईकोर्ट से उसे जमानत दे दी। सुभलाल का आरोप है कि अब उसे पता चला है कि सतवीर को जिन दो महिलाओं अनीता व कैलाश देवी निवासीगण किला मेवई खुर्जा देहात के नाम पर जमानत मिली है, वह दोनों महिलाएं वहां की रहने वाली ही नहीं है। सतवीर पक्ष ने अदालत की आंख में धूल झोंकते हुए न सिर्फ इनकी जमीन के फर्जी कागज दिखाए बल्कि थाने की फर्जी रिपोर्ट तैयार कर मोहर भी फर्जी लगा दी। उसी थाने पर पूर्व में रहे थानाध्यक्ष को ही वहां दारोगा दिखाते हुए मोहर व हस्ताक्षर कर दिए। 
सुभलाल ने हापुड़ कोर्ट से दस्तावेज निकलवाए तो वह हैरान रह गया। तुरंत ही जनसूचना के तहत एसएसपी बुलंदशहर से दोनों महिलाओं का स्थाई पता पूछा तो रिपोर्ट में बताया गया कि अनीता व कैलाशदेवी नाम की महिलाएं किला मेवई की रहने वाली नहीं हैं। आरोप है कि अनीता नाम की महिला का असली नाम मीना है जो गाजियाबाद की रहने वाली है और फर्जी जमानती तस्दीक मामले में पूर्व में जेल जा चुकी है। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि अभी मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है, यदि इस तरह से फर्जी जमानती तस्दीक कराने का मामला है,तो जांच कर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।