ऑटो में सवारी बिठाकर लूटने वाले गैंग का पुलिस ने किया भंडाफोड़


नई दिल्ली ब्यूरो। ऑटो और कार में सवारियों को बिठाकर लूटने वाले गिरोहों की धर-पकड़ अभियान के तहत ईस्ट जिले के स्पेशल स्टाफ ने दो आरोपियों को पकड़ा है। इनकी शिनाख्त दल्लूपुरा के अमन चौधरी (21) और आशीष झा (19) के तौर पर हुई है। दोनों आनंद विहार बस अड्डे से ऑटो में सवारियां बिठाकर सुनसान इलाके में लूट की वारदात को अंजाम देते थे। डीसीपी (ईस्ट) दीपक यादव ने बताया कि कोटला मुबारकपुर के रहने वाले विनोद कुमार ने 21-22 जनवरी की दरम्यानी रात को अपने दोस्त के साथ आईएसबीटी आनंद विहार से ऑटो लिया। एक लड़का पहले ही सवार था। शॉर्टकट रूट का झांसा देकर ड्राइवर ने ऑटो को गाजीपुर पेपर मार्केट की तरफ मोड़ दिया। सुनसान जगह पर दोनों की पिटाई शुरू कर दी और मोबाइल-बैग लूट लिया। इस मामले में पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाने में लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर सतेंद्र खारी, एसआई निहित फोगाट, एचसी तालीम, महेंद्र और सिपाही सनोज, अनुज और यूनुस की टीम बनाई गई। पीड़ित ने बताया था कि आरोपी ड्राइवर ने कान में कुंडल डाल रखे थे और रंग साफ था। पुलिस टीम ने बदमाशों के डॉजियर खंगाले तो अमन चौधरी की शिनाख्त हो गई। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए घर पहुंची तो वह मकान बदल चुका था। आखिरकार पुलिस ने 30 जनवरी को उसे धर लिया। इसकी निशानदेही पर आशीष को भी पकड़ लिया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल ऑटो भी बरामद कर लिया। पूछताछ में इसने बताया कि डीयू से ग्रैजुएशन के दौरान वह बुरी संगत में पड़ गया। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह कॉल सेंटर में जॉब करने लगा। जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में उसने पटपड़गंज इलाके से एक ऑटो चोरी किया, जिस केस में वह सितंबर-2020 में गिरफ्तार हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद वह ऑटो में सवारियां बिठाकर वारदातों को अंजाम देने लगा। अमन ने आशीष को लालच देकर वारदातों में शामिल किया।
पहले पकड़े जा चुके हैं दो गैंग
ईस्ट जिला पुलिस ने आनंद विहार से सवारी बिठाकर लूटपाट करने वाले एक गिरोह का 22 जनवरी को पर्दाफाश किया था। इनकी शिनाख्त त्रिलोकपुरी के राजकुमार, मनोज और ईस्ट विनोद नगर के साजिद के तौर पर हुई। इनसे पुलिस ने चार चाकू, चार मोबाइल और ऑटो बरामद किया था। इसी तरह 20 जनवरी को नॉर्थ वेस्ट जिले के मुकरबा चौक से भी कार में बिठाकर लूटपाट करने वाले एक नाबालिग समेत तीन बदमाश दबोचे गए थे। ये भी आनंद विहार, कश्मीरी गेट और करनाल बाईपास से सवारी बिठाकर लूटते थे।