पुलिस ने थाने में मनाया अनमोल का जन्‍मदिन


मेरठ। 'खाकी' का नाम सुनते ही अमूमन पुलिस का एक सख्त चेहरा जेहन में आता है। मगर यूपी के मेरठ में 'खाकी' ने मानवता की मिसाल कायम की है। पुलिस ने कंकरखेड़ा थाने में एक ऐसे बच्चे का बर्थडे धूमधाम के साथ सेलिब्रेट किया, जिसके पिता की दुर्घटना में मौत हो चुकी है। वहीं, मानसिक रोगी मां अस्पताल में भर्ती है। बताते चलें 14 साल का अनमोल नाम का यह बच्चा कई महीनों से थाने में ही 'मेहमान' बन कर रह रहा है। अनमोल के बारे में जानने के लिए हमें फ्लैश बैक में जाना होगा। दरअसल, कंकरखेड़ा क्षेत्र की टीकाराम कॉलोनी में रहने वाले अमर सिंह का हंसता-खेलता परिवार था। इस परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूटा, जब साढे़ तीन महीने पहले सड़क दुर्घटना में अमर सिंह की मौत हो गई। अमर की मौत के बाद उसकी पत्नी ममता मानसिक संतुलन खो बैठी।
इंस्पेक्टर ने उठाई इलाज की जिम्मेदारी
पति की मौत के बाद सुध-बुध खो चुकी ममता अक्सर अपने 14 साल के बेटे अनमोल को साथ लेकर केस के सिलसिले में जानकारी करने के लिए कंकरखेड़ा थाने जाती थी। इसी बीच इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर ने कंकरखेड़ा थाने का चार्ज संभाला। महिला की हालत को देखते हुए इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर ने मदद के हाथ आगे बढ़ाए। उन्होंने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से अब महिला को आगरा के लिए रेफर किया जा रहा है।
पूरे थाने का 'बेटा' बना अनमोल
ममता के अस्पताल में भर्ती होने के बाद रिश्तेदारों ने भी 14 साल के अनमोल को अपने पास रखने से हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर ने अनमोल को अपने पास थाने में ही रख लिया। इसके बाद से जहां इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर अपने बच्चों की तरह अनमोल की परवरिश कर रहे हैं। वहीं, अब अनमोल पूरे थाने के पुलिसकर्मियों के लिए बेटे के समान है। शनिवार को अनमोल का 14 वां जन्मदिन था, जिसे थाने के सभी पुलिसकर्मियों ने धूमधाम के साथ मनाया। अनमोल ने केक काटकर सभी पुलिसकर्मियों को खिलाया तो सभी पुलिसकर्मियों ने उसे गिफ्ट भी दिए। इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर ने बताया कि फिलहाल स्कूल बंद होने के चलते अनमोल ऑफलाइन पढ़ाई कर रहा है। नया सेशन शुरू होने पर सातवीं कक्षा तक पढ़े अनमोल को स्कूल में भी एडमिशन दिलाया जाएगा।