आरोपियों को बचाने के लिए कानपुर पुलिस ने मुर्दा महिला के लिए बयान!


  • कानपुर पुलिस ने आरोपियों को बचाने के लिए मुर्दा महिला से ले लिया बयान
  • इस पूरे मामले में खुलासे के बाद वारदात की जांच दोबारा कराई जा रही है
  • दरोगा ने छेड़छाड़ की धारा हटाकर मामूली मारपीट की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की
कानपुर ब्यूरो। कानपुर पुलिस अपनी करतूतों को लेकर चर्चा में बनी रहती है। जिले की होनहार पुलिस के पास मुर्दे भी बयान दर्ज कराने के लिए आते हैं। दरअसल, यह नहीं बल्कि दस्तावेज कह रहे हैं। छेड़छाड़ के मामले में दरोगा ने आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए मृत महिला के बयान दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। पीड़िता ने हाई कोर्ट से गुहार लगाते हुए विवेचक और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीओ गोविंद नगर ने पूरे प्रकरण की दोबारा विवेचना कराने के लिए आला अधिकारियों को रिपोर्ट बनाकर भेजा है। जल्द ही छेड़छाड़ मामले की जांच दोबारा शुरू होगी। नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित राजीव नगर में रहने वाली महिला से क्षेत्र के साहिल, शेखू, मोहम्मद रशीद ने छेड़छाड, गाली-गलौच और मारपीट की थी। पीड़िता ने नौबस्ता थाने में छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया था। इस केस की विवेचना दरोगा सुभाष चंद्र कर रहे थे। विवेचक सुभाष चंद्र ने आरोपियों को बचाने के लिए कई महिलाओं के बयान दर्ज किए थे। दरोगा ने विवेचना के दौरान छेड़छाड़ की धारा हटाकर मामूली मारपीट की धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
मृत महिला के बयान दर्ज किए!
विवेचक सुभाष चंद्र ने छेड़छाड़ के मामले में चंदातारा नाम की महिला के भी बयान दर्ज किए थे। चंदातारा की एक साल पहले मौत हो चुकी थी। पीड़िता ने कोर्ट से कॉपी निकलवाई तो उसे जानकारी हुई कि दरोगा ने एक मृत महिला के बयान भी दर्ज किए हैं। उसने इसकी शिकायत एसपी साउथ दीपक भूकर से भी की थी। एसपी साउथ ने इस प्रकरण की जांच शुरू कराई तो दरोगा दोषी पाए गए। दरोगा पर विभागीय कार्रवाई के लिए एसपी साउथ ने डीआईजी को पत्र लिखा था। इसके साथ ही दरोगा पर कार्रवाई ना होने पर पीड़िता ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी।
दरोगा ने पीड़िता पर की बदले की कार्रवाई
दरोगा सुभाष चंद्र को जब इस बात की जानकारी हुई कि पीड़िता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, तो पीड़िता के खिलाफ पाबंद करने की कार्रवाई कर दी। पीड़िता ने दरोगा की इस करतूत को सीओ गोविंद नगर विकास पांडेय के सामने रखा। सीओ ने दरोगा सुभाष चंद्र को जमकर फटकार लगाई। इसके साथ ही छेड़छाड़ मामले की दोबारा विवेचना कराने की कवायद शुरू कर दी गई है।