गाजीपुर बॉर्डर से कीलों को हटाने पर बोली दिल्ली पुलिस- इन्हें निकाला नहीं जा रहा जगह बदली जा रही


नई दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली से कौशांबी की तरफ आने वाली सड़क पर गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस द्वारा दो दिन पहले लगाई गई नुकीली कीलों को बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने ही हटा दिया। हालांकि बाद में पुलिस ने सफाई दी कि ऐसे वीडियो और तस्वीरें प्रसारित हो रही हैं जिसमें यह दिखाया जा रहा है कि गाजीपुर बाॅर्डर से कीलें हटाई जा रही हैं। जबकि इन कीलों की जगह बदली जा रही है। बाॅर्डर पर तैयारियां पहले जैसी ही हैं।  इससे पहले ये खबर आई थी कि किसानों से मिलने के लिए 10 विपक्षी दलों के सांसद गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे थे। लेकिन तारबंदी और बैरिकेडिंग के साथ लगी नुकीली कीलों से वह दिल्ली की सीमा से यूपी गेट तक नहीं पहुंच सके थे। इस दौरान दिल्ली पुलिस सुबह कीलों को निकलवाती हुई नजर आई। करीब एक घंटे बिलाल नाम के कर्मचारी ने नुकीली कील को हटाने का काम शुरू किया। लेकिन बाद में पुलिस ने कहा कि ऐसा नहीं है और कीलों की जगह बदली जा रही है। आपको बता दें कि यूपी गेट पर चल रहे किसान आंदोलन के आसपास पुलिस ने 2 फरवरी को सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बैरिकेडिंग लगाकर उन पर पुलिस बल तैनात किया था। गाजीपुर से दिल्ली की ओर पुलिस ने सभी 14 लेन बंद कर 12 घेरे में बैरियर लगाकर तार लगा दिए थे। इसके साथ ही सड़क पर कील भी लगी थीं। दिल्ली गाजीपुर सर्विस रोड पर बन रहे सीएनजी पंप के पीछे खाली जमीन पर गड्ढा खोद दिया था। इसके अलावा सिंघु बॉर्डर पर किसानों को दिल्ली में प्रवेश रोकने के लिए कड़े बंदोबस्त किए गए। पुलिस ने सुरक्षा के नाम पर धरना स्थल से दिल्ली आने वाले रास्तों पर पांच स्तरीय जर्सी बैरियर के बीच कंक्रीट की दीवारें खड़ी कर दी हैं। कंक्रीट की करीब 10 इंच मोटी दीवारें बनाई गई। इससे पहले केवल एक तरफ ही बैरिकेडिंग की गई थी।