दिल्ली सरकार सिविल डिफेंस में ट्रेनिंग के नाम पर ठगी, कापसहेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज


दिल्ली ब्यूरो। अभी तक आम लोगों को ही नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की वारदातें होती थीं। नौकरी पाने के इच्छुक नौजवानों को ही ठग जॉब लेटर या ऑफर लेटर भेजकर उनसे पैसे ठगते थे। लेकिन दिल्ली सरकार के सिविल डिफेंस में भी इस तरह की कोशिश की गई है। जिसमें छह लोगों को सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग दिलाने वाले आदेश से संबंधित ही एक लेटर दिल्ली सरकार के डायरक्टोरेट ऑफ सिविल डिफेंस हेडक्वार्टर से संबंधित ट्रेनिंग डिपार्टमेंट को भेज दिया गया। इसमें एसडीएम और अन्य अधिकारियों के बाकायदा साइन भी किए गए थे। बाद में जब लेटर की जांच हुई तो पता लगा कि यह सब फर्जीवाड़ा था। मामले में कापसहेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। साउथ-वेस्ट दिल्ली के डीसीपी इंगित प्रताप सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि डायरक्टोरेट ऑफ सिविल डिफेंस से संबंधित फर्जी लेटर के मामले में उन्हें शिकायत मिली है। इस मामले में कापसहेड़ा थाने में शनिवार को मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में डिपार्टमेंट के पास 6 सिविल डिफेंस वॉलिटियर को बेसिक ट्रेनिंग दिलाने से संबंध लेटर भेजा गया था। लेटर में संबंधित एसडीएम के भी साइन थे। लेटर देखने में एकदम असली लग रहा था। उसमें 6 नौजवानों की ट्रेनिंग दिलाने से संबंधित तमाम जानकारी थी। उनके मोबाइल नंबर भी इसमें दिए गए थे। मुमकिन है कि इन छह लोगों की किसी गैंग ने सिविल डिफेंस में नौकरी दिलाने वाला जॉब लेटर भी जारी कर दिया हो। जिसमें नौकरी के बाद इनकी ट्रेनिंग दिलाने की बात कही गई हो। और इसके बदले इनसे पैसा लिया गया हो। इन सब बातों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लेटर में 15 दिसंबर 2020 की डेट पड़ी थी। लेकिन इस मामले में डिपार्टमेंट की ओर से पुलिस को 13 फरवरी को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस का कहना है कि इससे पहले डायरक्टोरेट ऑफ सिविल डिफेंस की ओर से अपने स्तर पर पहले लेटर के असली होने की जांच की गई थी। इसमें पता लगा था कि लेटर तो फर्जी है। 
इसमें किए गए एसडीएम और अन्य अधिकारियों के साइन भी फर्जी हैं। इसके बाद लेटर में जिन 6 सिविल वॉलिटिंयर को ट्रेनिंग दिलाने के आदेश दिए गए थे। उन 6 वॉलिंटियर को फोन करके उनसे डिटेल लेनी चाही। लेकिन इन सभी के फोन स्विच ऑफ आते रहे। बाद में डिपार्टमेंट की ओर से पुलिस में शिकायत देकर इस पूरे फर्जीवाड़े का पता लगाने की अपील की गई। ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन है। सूत्रों का कहना है कि मामले में यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस तरह से इससे पहले भी तो कोई फर्जीवाड़ा करने की कोशिश तो नहीं की गई थी।