दिल्ली में हर तीन किमी के दायरे में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन होगा


नई दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए केजरीवाल सरकार इलेक्ट्रिक विकल पॉलिसी के तहत सब्सिडी तो दे ही रही है, अब सरकार ने ई टु वीलर्स के लोन पर ब्याज में भी 5 फीसदी तक की छूट देने की तैयारी की है। इसके साथ- साथ सरकार हर तीन किमी के दायरे में चार्जिंग स्टेशन बनाने पर भी काम कर रही है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की राजधानी बनाने के केजरीवाल सरकार के मिशन के बारे में बताते हुए कहा कि दिल्ली में स्कूटर, बाइक की संख्या बहुत ज्यादा है और सरकार की कोशिश है कि ई टु वीलर्स को आसानी से लोगों तक पहुंचाया जाए। 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी के साथ- साथ अब दिल्ली फाइनैंस कॉरपोरेशन (डीएफसी), एनबीएफसी और एम्पैनल फाइनैंस प्रोवाइडर्स से लोन लेने पर ब्याज में 5 फीसदी की छूट मिलेगी। उन्होंने कहा कि अभी तक दिल्ली में 70 चार्जिंग स्टेशन बन गए हैं और 100 चार्जिंग स्टेशन के लिए टेंडर हो गया है, जहां पर 500 चार्जिंग पॉइंट्स बनाए जाएंगे। पूरी दिल्ली में हर तीन किमी के दायरे में चार्जिंग स्टेशन बनाने के टारगेट को पूरा करने के लिए करीब 500 चार्जिंग स्टेशन बनाने होंगे।लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए करीब दो हजार छोटी बसें भी लाने का प्लान हैं, जिसमें से ज्यादातर इलेक्ट्रिक बसें ही होंगी।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली में 2024 तक जितने भी वाहन खरीदे जाएंगे, उसमें से कम से कम 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक गाड़ी हों। अगर कोई दोपहिया या तीन पहिया वाहन खरीदना है तो करीब 30 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है। अगर कार खरीदना चाहते हैं तो करीब 1.5 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद पर कोई रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगता है। साथ ही अब लोन पर ब्याज में भी छूट दी जा रही है।
इलेक्ट्रिक वीकल पॉलिसी में 23 दोपहिया मॉडल उपलब्ध हैं और कंपनियों ने सरकार से कहा है कि ई टु वीलर्स के और भी मॉडल बाजार में उतारे जाएंगे। सरकार का टारगेट अगले दो साल में फूड डिलीवरी, ई कॉमर्स और कूरियर सर्विसेज के लिए प्रयोग में आने वाले कम से कम 50 फीसदी टु वीलर्स इलेक्ट्रिक हो। 31 मार्च 2025 तक यह संख्या 100 फीसदी हो। जो सर्विस प्रोवाइडर इस टारगेट के अनुसार काम करेंगे, उन्हें दिल्ली सरकार की ओर से वित्तीय मदद दी जाएगी और दिल्ली फाइनैंस कॉरपोरेशन की ओर से मदद दी जाएगी। गहलोत ने कहा कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने से जहां प्रदूषण खत्म होगा, वहीं ई गाड़ियों से बचत भी होगी। परिवहन मंत्री के मुताबिक 300 ई बसें भी इस साल के आखिर तक सड़कों पर दौड़ने लगेंगी। कंपनी का सिलेक्शन हो गया है और सप्लाई ऑर्डर जल्द जारी किया जाएगा।