इंदिरापुरम के रॉयल शिप्रा सन सिटी में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर का शव ऑफिस में फंदे पर लटका मिला


सूर्य प्रकाश,(गाजियाबाद)। इंदिरापुरम के रॉयल शिप्रा सन सिटी में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर का शव उनके ऑफिस में फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस को मौके से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें चार लोगों को मौत का जिम्मेदार बताया गया है। हालांकि पुलिस के अधिकारी जांच के बाद ही कुछ कुछ बोलने की बात कह रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की ओर से अभी कोई शिकायत नहीं दी गई है।इंदिरापुरम के रॉयल शिप्रा सनसिटी में रवि कुमार सिंह (55) पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। वह प्रॉपर्टी डीलर थे। उनका रॉयल टावर मार्केट में ही ऑफिस था। पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब छह बजे उनकी पत्नी की आंख खुली तो वह घर में नहीं थे। फ्लैट का मेन गेट भी बाहर से बंद मिला। परिजनों ने उनके मोबाइल पर कॉल किया तो मोबाइल भी घर पर ही था। उनकी पत्नी दूसरे दरवाजे से बाहर निकलीं और आसपास तलाश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजन उनके ऑफिस पहुंचे और शटर उठाकर देखा तो उनका शव पंखे पर फंदे से लटका हुआ था। पीड़ित परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। इस पर एसएचओ इंदिरापुरम संजीव शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुसाइड नोट में लिखा है कि मरते वक्त कोई झूठ नहीं बोलता। चार लोगों को उन्हें यह कदम उठाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सीओ इंदिरापुरम अंशु जैन ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों से भी जानकारी की जा रही है। साथ ही कुछ लोगों के नाम सुसाइड नोट में हैं उनसे भी पूछताछ होगी। परिजनों की ओर से अभी पुलिस को कोई शिकायत भी नहीं मिली है।
रात को जाते हुए कैमरे में कैद हुए रवि
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की तो रविवार रात रवि एक व्यक्ति के साथ पोस्ट नंबर-एक से बाहर जाते हुए दिखे हैं। इसके बाद वह व्यक्ति अकेले लौट आया और रवि रायल टावर मार्केट की ओर चले गए। पुलिस मान रही है कि इसी वक्त उन्होंने ऑफिस में जाकर आत्महत्या की होगी। वहीं वह व्यक्ति कौन था, अभी इसका भी पता नहीं चल सका है।
जांच में सामने आया है कि एक मामले में हुई थी सजा
पुलिस जांच में सामने आया है कि रवि पर 2010 में मारपीट, छेड़छाड़ और हत्या का प्रयास की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। 19 फरवरी को कोर्ट ने छेड़छाड़ और मारपीट में दोषी मानते हुए उन्हें डेढ़ वर्ष का कारावास और 25 सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। वह जमानत पर थे। वह परेशान थे। पुलिस आत्महत्या का एक कारण यह भी मान रही है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है।