दिल्ली में फ्रंटलाइन वर्कर्स का भी टीकाकरण शुरू, पहले दिन डीएम को डोज


दिल्ली ब्यूरो। स्वास्थ्य कर्मचारियों के अलावा दिल्ली में अब फ्रंटलाइन वर्करों को भी कोरोना टीका की डोज लगना शुरू हो चुकी है। बृहस्पतिवार को राजधानी में अलग अलग केंद्रों पर सफाई कर्मचारी, दिल्ली पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों को टीका लगा गया। इस दौरान दिल्ली के दो जिला कलेक्टर ने सबसे पहले टीका लगाकर सोशल मीडिया पर टीकाकरण को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया है। उत्तरी दिल्ली की कलेक्टर इशा खोसला ने अपने जिले के टीका केंद्र पर जाकर कोविशील्ड टीका की पहली डोज ली। इस दौरान उन्हें एक अस्थायी प्रमाण पत्र भी दिया गया है। क्यूआर कोड आधारित यह प्रमाण पत्र दूसरी डोज लगने तक मान्य रहेगा। इसी बीच दिल्ली के मणिपाल अस्पताल में दक्षिणी पश्चिमी जिले के कलेक्टर नवीन अग्रवाल ने भी कोरोना का टीका लगवाया। वहीं स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी टीका लगाने का सिलसिला जारी रहा। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ साथ फ्रंटलाइन वर्करों को भी तेजी से टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए आगामी दिनों में और भी टीका केंद्रों की संख्या में इजाफा किया जा सकता है। 
9494 स्वास्थ्य कर्मियों को डोज
कल दिल्ली के सभी 11 जिलों में साढ़े नौ हजार लोगों को टीका दिया गया। इसमें स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ साथ फ्रंटलाइन वर्करों को भी कोरोना टीका की पहली डोज दी गई। जानकारी के अनुसार बीते बुधवार को दिल्ली के 183 केंद्रों पर 7365 और मंगलवार को 9357 लोगों को टीका दिया गया लेकिन बृहस्पतिवार को 9494 कर्मचारियों ने कोरोना टीका की पहली डोज ली है। इस बीच टीका लगने के बाद 13 लोगों ने हल्का दर्द और बुखार की शिकायत की है लेकिन इनमें से किसी भी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने की नौबत नहीं आई है। 
जानकारी के अनुसार दिल्ली में कोरोना टीकाकरण के 13वें दिन किसी भी जिले में 100 फीसदी लक्ष्य हासिल नहीं किया गया। केंद्र और दिल्ली सरकार के अस्पतालों को मिलाकर कयास लगाए जा रहे थे कि फ्रंटलाइन वर्करों को टीका लगने की अनुमति मिलने के बाद इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी हो सकती है लेकिन पहले दिन खास असर दिखाई नहीं दिया है। दिल्ली एम्स सहित केंद्र सरकार के छह अस्पतालों सहित 33 केंद्रों पर 3300 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन देर शाम तक 1115 लोगों को टीका देने में कामयाबी  मिल सकी। इन लोगों को स्वदेशी टीका कोवाक्सिन की डोज दी गई है। वहीं अन्य 150 केंद्रों पर कोविशील्ड टीका के लिए 15000 लोगों को लक्ष्य रखा गया था लेकिन यहां 8379 लोगों को ही टीका लग पाया। 
छोटे अस्पतालों में 60 फीसदी तक हो चुका है टीकाकरण 
दिल्ली में कोरोना वायरस को लेकर राहत की खबर है कि नर्सिंग होम्स और छोटे अस्पतालों को अब तक कोरोना सुरक्षा कवच देने में कामयाबी मिल चुकी है। 50 या उससे कम बिस्तर वाले इन स्वास्थ्य केंद्रों में अब तक 60 फीसदी से भी अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोरोना वायरस के टीका की प हली खुराक मिल चुकी है। 
दिल्ली में 16 जनवरी  से शुरू हुए कोरोना टीकाकरण के बाद अब तक 80 हजार से भी अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया जा चुका है। जबकि कोविन एप पर पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मचारियों की संख्या दो लाख से अधिक है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले एक से दो सप्ताह में दिल्ली के अधिकत्तर छोटे अस्पताल कोरोना टीका ले चुके होंगे। 
करीब 175 नर्सिंग होम्स और अस्पताल 50 या उससे कम बिस्तरों की क्षमता वाले हैं। यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों की संख्या भी अधिक नहीं है। ऐसे में यह सभी केंद्र टीकाकरण पूरा करने के नजदीक पहुंच चुके हैं। वहीं मैक्स, अपोलो, आकाश, इंडियन स्पाइन इंजरी सेंटर और पीएसआईआर भी 50 फीसदी टीकाकरण लक्ष्य हासिल करने के नजदीक पहुंच चुके हैं।