दिल्ली हाईकोर्ट ने आंदोलनकारी किसानों को हटाने के आदेश से किया इनकार


राजीव गौड़,(दिल्ली ब्यूरो)। हाईकोर्ट ने किसान आंदोलन के नाम पर धरना दे रहे लोगों को हटाने व सभी सड़कों तथा सार्वजनिक स्थानों को खाली कराने की मांग को लेकर याचिका पर फिलहाल कोई भी आदेश देने से इनकार कर दिया। अदालत ने केंद्र सरकार को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि इस मुद्दे पर क्या कोई याचिका सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है या नहीं।
वहीं केंद्र ने अदालत को बताया कि लाल किले में अब पुख्ता सुरक्षा प्रबंध कर दिए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ के समक्ष अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल चेतन शर्मा और केंद्र सरकार के स्थाई अधिवक्ता अजय दिगपाल ने बताया कि केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 25 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।
उन्होंने कहा कि 50 लोगों को हिरासत में लिया गया और घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि लाल किले पर सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। खंडपीठ ने उसके तर्क सुनने के बाद पूछा कि क्या ऐसी ही कोई अर्जी उच्चतम न्यायालय में भी दी गई है या उस पर सुनवाई लंबित है या न्यायालय ने उसका निपटारा किया है। अदालत ने कहा कि यदि ऐसा है तो उसकी पूरी जानकारी दी जाए।
अदालत दिल्ली निवासी धनंजय जैन की याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें किसान आंदोलन के नाम पर धरना दे रहे लोगों को हटाने और सभी सड़कों तथा सार्वजनिक स्थानों को खाली करवाने का आदेश देने का आग्रह किया गया है।
याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त को तत्काल पद से हटाने और गणतंत्र दिवस पर लाल किले की घटना के संबंध में अपना कर्तव्य कथित रूप से पूरा नहीं कर पाने वाले सभी पुलिस अधिकारियों को दंडित करने का अनुरोध भी किया गया है।