प्रयागराज में अजान पर बवाल के बीच आईजी का आदेश, रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बैन


  • इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति के पत्र के बाद लाउडस्पीकर विवाद गहराया
  • प्रयागराज के आईजी केपी सिंह ने रेंज के चारों जिलों में नियम लागू करने को कहा
  • नियम के मुताबिक, अब रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर बैन रहेगा
  • इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वीसी के पत्र के बाद लाउडस्पीकर का रुख बदल दिया गया था
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लाउडस्पीकर से अजान पर बवाल थमता नहीं दिख रहा है। एक दिन पहले इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति ने डीएम को पत्र लिखकर मस्जिद के लाउडस्पीकर से आने वाली अजान की आवाज पर आपत्ति की थी। उनकी शिकायत सुर्खियों में आने के बाद मस्जिद प्रशासन ने लाउडस्पीकर का मुंह दूसरी ओर कर दिया, इसके अलावा उसका साउंड भी कम कर दिया गया। हालांकि अब पुलिस भी मामले में हरकत में आ गई है। आईजी प्रयागराज केपी सिंह ने गुरुवार को रेंज के चारों जिलों के डीएम और एसएसपी को एक पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र के जरिए प्रदूषण ऐक्ट और हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को भी कहा है। इसके तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूरी तरह से लाउडस्पीकर बजाने या अन्य किसी पब्लिक अड्रेस सिस्टम के इस्तेमाल पर पाबंदी रहेगी।
वीसी के घर की तरफ से हटे लाउडस्पीकर
मस्जिद कमिटी ने बताया कि मीनार पर लगे लाउडस्पीकर का रुख इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वीसी संगीता श्रीवास्तव के घर की तरफ से हटा लिया गया है। दोनों लाउडस्पीकर्स का रुख दूसरी तरफ किया गया है। मस्जिद कमिटी ने बताया कि पहले मीनार पर चार लाउडस्पीकर लगे थे। जिला प्रशासन से अनुमति न होने के कारण दो स्पीकर हटा लिए गए थे। अभी दो ही स्पीकर लगे थे। लाउडस्पीकरों का साउंड अब 50 फीसदी घटा दिया गया है। कहा जा रहा है कि अब अजान की आवाज वीसी के घर तक नहीं जाएगी।
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वीसी प्रफेसर संगीता श्रीवास्तव ने डीएम को पत्र लिखा था। इस पत्र के जरिए उन्होंने मस्जिद की अजान के समय आने वाली आवाज से होने वाली परेशानी जाहिर की थी। उन्होंने पत्र में लिखा, 'पुरानी कहावत है, आपकी स्वतंत्रता वहीं खत्म होती है जहां मेरी नाक शुरू होती है। यह कहावत मेरे मामले में सटीक बैठती है। मैं किसी धर्म, जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं हूं। वे अजान बिना लाउडस्पीकर के भी कर सकते हैं ताकि दूसरे लोग परेशान न हों।दूसरों की दिनचर्या प्रभावित न हो।'