मेरठ में रात 10 बजे से 6 बजे सुबह तक लाउडस्पीकर पर बैन


मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे बजे तक धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। धार्मिक स्थलों और आगामी पंचायत चुनाव में होने वाली सभाओं के दौरान रात में लाउडस्पीकर पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। दिन में भी तय मानक का पालन करना होगा। आपको बता दें कि प्रयागराज में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वीसी की एक धर्मस्थल से रात और सुबह आती तेज आवाज से उनकी नींद खराब होने की शिकायत के बाद वहां के आईजी ने रेंज में कहीं भी रात में लाउडस्पीकर बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
आवासीय एरिया में यह नियम
मेरठ जोन के एडीजी राजीव सभरवाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का आदेश है कि रात को दस बजे से सुबह छह बजे तक कहीं भी लाउडस्पीकर नहीं बजाए जाएंगे। इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश जोन के सभी कप्तानों को दिए गए हैं। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि दिन में भी आवासीय एरिया में 55 डेसिबल और कमर्शल एरिया में 65 डेसीबल से ज्यादा शोर नहीं होना चाहिए।
पंचायत चुनाव में भी लाउडस्पीकरों पर रोक
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि सभी थाना प्रभारियों को रात में लाउडस्पीकर बंद करवाने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी ने बताया कि मेरठ में पहले से ही धार्मिक स्थलों में रात को लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव में रात को होने वाली सभा में लाउडस्पीकर पर रोक लगा दी गई है।
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वीसी ने लिखा था पत्र
आपको बता दें कि इससे पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने सुबह में लाउडस्पीकर से होने वाली अजान से नींद खराब होने को लेकर जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी को एक पत्र लिखकर कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद मस्जिद के मौलवी ने खुद लाउडस्पीकर की दिशा बदल दी थी और आवाज कम कर दी थी।
वाराणसी के छात्र ने भी की थी शिकायत
वहीं वाराणसी में बीएचयू के एक छात्र ने स्थानीय पुलिस को ट्वीट कर मस्जिद से निकलने वाली अजान की आवाज से तनाव होने की शिकायत की है, जिसपर पुलिस ने करवाई का निर्देश दिया है। हालांकि मेरठ पुलिस का कहना है कि जोन में ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई है।