ट्रायल के वक्त फरार हुआ मुलजिम 14 साल बाद हुआ गिरफ्तार


  • एक्सिडेंट के एक केस में मुलजिम राजेश कुमार पर चल रहा था मुकदमा
  • वर्ष 2004 में मायापुरी थाने में दर्ज एक्सिडेंट के केस में अरेस्ट हुआ था
  • आरोपी चकमा देकर अदालत में सुनवाई के दौरान हो गया था फरार
दिल्ली ब्यूरो। एक्सिडेंट के एक केस की अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान आरोपी अचानक ऐसा फरार हुआ कि पुलिस के हाथ ही नहीं आया। साल दर साल गुजरते चले गए, लेकिन पुलिस के हाथ खाली रहे और इंसाफ पाने की पीड़ित की उम्मीदें भी खत्म होती नजर आने लगीं। लेकिन, पुलिस ने उसकी तलाश बंद नहीं की थी। पुलिस का यही प्रयास रंग लाया और आखिरकार 14 साल बाद अब जाकर मंदिर मार्ग थाने की पुलिस टीम उस आरोपी को दोबारा गिरफ्तार करने में कामयाब रही। आरोपी की पहचान बिहार के सीवान जिले के रहने वाले राजेश कुमार (46) के रूप में हुई। इससे पहले उसे वर्ष 2004 में दिल्ली के मायापुरी थाने में दर्ज एक्सिडेंट के केस में गिरफ्तार किया गया था। नई दिल्ली जिले के डीसीपी डॉ. ईश सिंघल ने बताया कि सतीश नाम के एक शख्स की शिकायत पर मायापुरी थाने में पुलिस ने केस दर्ज करके राजेश को गिरफ्तार किया था। उस पर लापरवाही से वाहन चलाते हुए सतीश को चोट पहुंचाने का आरोप था। एक्सिडेंट के इस केस में सतीश को काफी चोट लगी थी। मगर केस के ट्रायल के दौरान आरोपी राजेश फरार हो गया, जिसके बाद जुलाई-2006 में पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। तभी से वह पुलिस से बचता फिर रहा था।
करीब डेढ़ दशक बाद मंदिर मार्ग थाने के पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट के गेट नंबर-1 के पास बने एक टी स्टॉल के पास से राजेश को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया।