'सड़कछाप आशिक' दारोगा दीपक सिंह गिरफ्तार, सीओ और कोतवाल निलंबित,अब तक 14 के खिलाफ एफआईआर दर्ज


  • एडीजी के पीड़िता के गांव पहुंचते ही आरोपी दारोगा को निलंबित कर दिया गया था
  • जांच बढ़ने के साथ आरोपियों की भी बढ़ रही हैं धड़कनें
  • कोतवाल की भी संपत्ति की होगी जांच
बस्ती। बस्ती के कोतवाली क्षेत्र के पोखरभिटवा मामले में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। मुख्य आरोपी दारोगा दीपक सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पूरे प्रकरण में अब तक 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एडीजी अखिल कुमार को शासन ने पूरे प्रकरण की जांच सौंपी है। जिस दिन एडीजी पीड़िता के गांव जांच करने पहुंचे थे। उसी दौरान आरोपी दारोगा दीपक सिंह और कोतवाल रामपाल यादव को निलंबित कर दिया गया था।
जैसे- जैसे बढ़ रही जांच, आरोपियों पर गिर रही गाज
जांच जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आरोपियों पर कार्रवाई का दौर शुरू है। एसपी हेमराज मीणा पर भी कार्रवाई की गाज गिरी और उन्हे पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। इसके बाद एएसपी रवीन्द्र कुमार सिंह पर कार्रवाई करते हुए उन्हें भी अटैच कर दिया गया। वहीं, मामले में तत्कालीन सीओ गिरीश सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
आरोपी दारोगा, कोतवाल के सम्पत्तियों की भी होगी जांच
आरोपी दारोगा और कोतवाल रामपाल यादव के सम्पत्तियों की जांच के लिए डीएम ने आदेश दिए हैं। इसके अलावा पूरे प्रकरण में शामिल पुलिस और राजस्व कर्मियों पर भी मुकदमा दर्ज कर उनकी विभागीय जांच शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद कई और पुलिस कर्मी बर्खास्त किए जाएंगे।
पीड़िता ने खटखटाया महिला आयोग का दरवाजा तो होने लगी कार्रवाई
बता दें कि आरोपी दारोगा दीपक सिंह लॉकडाउन में पीड़िता काजल सिंह को मास्क चेकिंग के लिए रोक लिया और उसका मोबाइल नम्बर लेकर अश्लील मैसेज, चैटिंग और कॉल करने लगा, जिसके बाद पीड़िता की शिकायत पर दारोगा को जिले के आला अधिकारियों ने क्लीन चीट दे दी और दीपक को लाइनहाजिर कर मामले को रफा-दफा कर कर दिया गया। कार्रवाई से खुन्नस खाए दारोगा ने पीड़िता और परिजनों पर 8 मुकदमे दर्ज कर दिए। इस मामले में पीड़िता नेराज्य महिला आयोग में शिकायत की। जिसका शासन ने संज्ञान लेकर उच्च स्तरीय जांच टीम गठित की, जो पुलिस वाले पीड़िता पर मुकदमे दर्ज कर रहे थे, अब उन के ऊपर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं।