देश में 24 घंटे के भीतर कोविड-19 के इस साल के सर्वाधिक 46,951 नए मामले आए सामने


नयी दिल्ली। भारत में एक दिन में कोविड-19 के 46,951 नए मामले सामने आने के बाद देश में अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 1,16,46,081 हो गई। देश में इस साल सामने आए यह सर्वाधिक मामले हैं। आंकड़ों के अनुसार, देश में 130 दिन पहले, यानी 12 नवम्बर को 24 घंटे में 47,905 नए मामले सामने आए थे। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में लगातार 12वें दिन मामलों में बढ़ोतरी के बाद उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। अभी कुल 3,34,646 लोगों का कोरोना वायरस का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 2.87 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार, देश में 72 दिन बाद एक दिन में सबसे अधिक 212 लोगों की वायरस से मौत हुई और मृतक संख्या बढ़कर 1,59,967 हो गई है। 
आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 1,11,51,468 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके है। हालांकि देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर में गिरावट आई है और अब वह 95.75 प्रतिशत है। वहीं, कोविड-19 से मृत्यु दर 1.37 प्रतिशत है। देश में पिछले साल सात अगस्त में संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में 21 मार्च तक 23,44,45,774 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है। इनमें से 8,80,655 नमूनों की जांच रविवार को की गई थी। आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में वायरस से जिन 212 लोगों की मौत हुई, उनमें से महाराष्ट्र के 99, पंजाब के 44, केरल के 13 और छत्तीसगढ़ के 10 लोग थे।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में वायरस से अभी तक कुल 1,59,967 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 53,399, तमिलनाडु के 12,599, कर्नाटक के 12,434, दिल्ली के 10,956, पश्चिम बंगाल के 10,306, उत्तर प्रदेश के 8,759 और आंध्र प्रदेश के 7,189 लोग थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई है उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।