रोहिणी लूटपाट मामले में गिफ्तार हुए दोनों बदमाश रिश्ते में मामा-भांजे, 25 से ज्यादा लूट, स्नैचिंग और हत्या के मामले


  • 200 सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद पकड़ में आए बदमाश
  • वारदातें हुईं रोहिणी और नॉर्थ जिले में, साउथ जिला पुलिस ने पकड़े आरोपी
  • पुलिस आरोपियों के गीता कॉलोनी वाले घर तक पहुंची तो परिवार की महिलाओं ने विरोध किया
  • एक सिपाही ने दिखाई बहादुरी, मामला गंभीर होते देखकर लगातार तीन हवाई फायर कर दिए
दिल्ली ब्यूरो। नॉर्थ रोहिणी में वॉक पर निकली दो महिलाओं से सरेआम रोड पर हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट की, इसका एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। सीसीटीवी फुटेज दिल दहला देने वाला था। किस तरह बेखौफ अपराधी भरी बाजार में बंदूक की नोंक पर महिलाओं से लूट कर रहे थे। फिलहाल इस मामले में दिल्ली पुलिस ने समीर और फैजान नाम के दो बदमाश गिरफ़्तार किये है जो दिल्ली में लगातार स्नैचिंग,लूट और हत्या की वारदात कर रहे थे। 17 मार्च की सुबह रोहिणी में पिस्तौल की नोंक पर दो महिलाओं से सरेआम लूट फिर इसके 15 मिनट बाद ही मजनू का टीला में एक महिला की गोली मारकर हत्या करने वाले बाइक सवार दो बदमाश पकड़े गए हैं। केवल रोहिणी और नॉर्थ दिल्ली पुलिस ही नहीं, बल्कि स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच समेत अन्य जिला पुलिस भी इन बदमाशों को पकड़ने के लिए काम कर रहीं थीं, लेकिन साउथ दिल्ली पुलिस के हाथ कामयाबी लगी। जिसका इस केस से डायरेक्ट कुछ लेना-देना नहीं था। हालांकि, नॉर्थ जिला पुलिस का कहना है कि वह भी इनके आसपास ही थे। बस, इत्तेफाक की बात है कि साउथ दिल्ली पुलिस उनसे आगे निकल गई। दोनों को पकड़ने में साउथ दिल्ली के मैदानगढ़ी थाना और संजय कॉलोनी भाटी माइंस चौकी के 6-7 पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहा। टीम में मैदानगढ़ी थाने के एसएचओ जतन सिंह, भाटी माइंस चौकी इंचार्ज उमेश यादव, एएसआई किशोर, हवलदार पंकज, सिपाही कमल, नरेंद्र और सोमवीर समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। रोहिणी वारदात का विडियो शनिवार को वायरल हुआ था।
200 कैमरे खंगालने पड़े
दोनों की गिरफ्तारी से जुड़े पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन्हें पकड़ना आसान नहीं था। पुलिस के पास इनका साफतौर पर कोई चेहरा या अन्य क्लू नहीं थे। पुलिस को लग गया था कि रोहिणी और मजनू का टीला में वारदात करने वाले बाइक सवार एक ही हैं। लिहाजा, मजनू का टीला से लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया गया। करीब 200 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। इसमें पुलिस को पता लगा कि मजनू का टीला से महिला की हत्या करने के बाद बदमाश सराय काले खां की ओर भागे थे। यहां से मेरठ एक्सप्रेस-वे की ओर गए, ताकि पुलिस को उलझा सकें।
कन्‍फ्यूज करते रहे अपराधी
फिर यहां से यू टर्न लेते हुए बदमाश अक्षरधाम फ्लाईओवर की ओर आ गए। यहां साउथ दिल्ली की टीम को नॉर्थ दिल्ली की टीम भी मिली। लेकिन अक्षरधाम से कई रास्ते ओपन होने से एक टीम एक ओर चली गई दूसरी टीम दूसरी ओर। यहां फ्लाईओवर के नीचे बदमाशों ने अपने कपड़े बदले और फिर फैजान उर्फ फुरकान बाइक चलाने लगा। समीर उर्फ शहजाद पीछे बैठ गया। यहां से यह मदर डेयरी की ओर निकल गए। अक्षरधाम फ्लाईओवर के नीचे इनके कपड़े बदलने और राइडर बदलने से पुलिस टीम कन्फ्यूज हो गई। जांच में तीन से चार घंटे बर्बाद हो गए। टीम दूसरी दिशा त्रिलोकपुरी की ओर के सीसीटीवी कैमरे चेक करने लगी।
जब इस रूट पर कुछ नहीं मिला तो टीम फिर से अक्षरधाम फ्लाईओवर के सीसीटीवी फुटेज पर पहुंची और यहां से बारीकी से जांच की तो पता लग गया कि बदमाशों ने बाइक की नंबर प्लेट, अपनी ड्रेस और राइडर बदल लिए हैं। सीसीटीवी कैमरों से जांच करते हुए पुलिस पार्टी आरोपियों के गीता कॉलोनी वाले घर की गली तक पहुंच गई। जहां पुलिस को इनकी बाइक खड़ी दिखाई दी।
इसके बाद टीम ने शनिवार देर रात करीब 11:30 बजे यहां ट्रेप लगा लिया। सोचा कि बदमाशों में से कोई नीचे उतरेगा। थोड़ी देर में आरोपी बाइक की नंबर प्लेट बदलने के लिए नीचे आए तो पुलिस ने इन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस पार्टी की सोच से अलग यहां हंगामा हो गया। इनके परिवार की महिलाओं और अन्य लोगों ने पुलिस का विरोध शुरू कर दिया। पुलिस सादे कपड़ों में थी। मुलजिमों ने अपने बचाव के लिए अपने ब्लेड मार लिए और पुलिस पर भी हमला करने की कोशिश की।
यहां टीम के एक सिपाही ने बहादुरी और संयम दिखाते हुए इन्हें सरेंडर करने और नीचे बैठ जाने के लिए कहा। एक की पत्नी पुलिस का विरोध कर रही थी। दोनों बदमाशों को दो पुलिसकर्मियों ने पकड़ रखा था। ऐसे में एक सिपाही ने मौके की नजाकत को समझते हुए एक के बाद एक-एक करके तीन हवाई फायर कर दिए। इससे मामला बहुत अधिक नहीं बिगड़ा और इस तरह से दोनों पुलिस की गिरफ्त में आ गए। इसके कुछ देर बाद नॉर्थ दिल्ली पुलिस और अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर आ पहुंचे।