नोएडा में प्रख्यात मूर्तिकार राम सुतार के घर 26 लाख की चोरी, घटना के बाद घरेलू सहायक फरार


नोएडा। पद्म भूषण से सम्मानित मशहूर मूर्तिकार राम सुतार का घरेलू सहायक 26 लाख रुपये की नकदी और लाखों की जूलरी लेकर फरार हो गया। वारदात मंगलवार शाम को हुई। चार दिन पहले दिल्ली की प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से घरेलू सहायक ओडिशा निवासी मदन मोहन दास को रखा गया था। कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार बेटे अनिल सुतार, बहू, पोते, पोती के साथ सेक्टर-19 में रहते हैं। उनकी कोठी सेक्टर-19 की पुलिस चौकी से सटी है। राम सुतार व उनके बेटे अनिल सुतार भी मूर्तिकार हैं और इन्होंने ही विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी गुजरात की संरचना तैयार की थी।
नोएडा के अपर पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह के मुताबिक अनिल सुतार ने चार दिन पहले दिल्ली की एक प्लेसमेंट एजेंसी मेरी नीड्स से एक घरेलू सहायक हायर किया था। इसका पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। प्लेसमेंट एजेंसी में जमा कराए गए दस्तावेज के मुताबिक उसका नाम मदन मोहन दास (24) है। वह मूलरूप से ओडिशा का रहने वाला है।
एडीसीपी ने बताया कि मंगलवार को सेक्टर-19 स्थित घर में रामसुतार, उनकी पोती व दो नौकर थे। मंगलवार शाम को घरेलू सहायक मदन मोहन कमरे में घुसकर पेचकस से अलमारी का लॉक तोड़कर और उसमें रखे 26 लाख रुपये व लाखों की जूलरी चुराकर भाग गया। बाद में घरवालों को इसकी जानकारी हुई। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई और एडीसीपी रणविजय सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
महाराष्ट्र के सीएम से मिलने गए थे अनिल सुतार
मंगलवार को मूर्तिकार अनिल सुतार पत्नी के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलने मुंबई गए हुए थे। मंगलवार को घर में केवल राम सुतार और पोती थी। घटना के वक्त पोता मार्केट गया हुआ था। जब वह लौटा तब चोरी के बारे में पता चला। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। वहीं प्लेसमेंट एजेंसी के संचालकों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस की तीन टीमें बनाईं, एक टीम गई उड़ीसा
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि मामले में पुलिस की तीन टीम बनाई गई हैं। एक टीम ओडिशा गई है। बताया जाता है कि आरोपी नौकर मदन मोहन ने प्लेसमेंट एजेंसी में सही आधार कार्ड जमा कराया था। इस आधार कार्ड के आधार पर पुलिस उड़ीसा में उसका पता लगा रही है।