गाजियाबाद में चार दिन में साइबर फ्रॉड की 300 से अधिक शिकायतें, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी


गाजियाबाद ब्यूरो। साइबर सेवा केंद्र स्थापित होने के बाद जिले में साइबर अपराध की असल हकीकत सामने आ रही है। केंद्रीकृत व्यवस्था के चलते जिले भर की साइबर ठगी की शिकायतें केंद्र पर पहुंच रही हैं। हैरत की बात यह है कि गत छह मार्च को नगर कोतवाली में शुरू हुए प्रदेश के पहले साइबर सेवा केंद्र पर साइबर अपराध से जुड़े 300 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सहूलियत के लिए ही साइबर सेवा केंद्र बनाया गया था। यहां से निर्धारित समयावधि में शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। बता दें कि पिछले साल साइबर अपराध से जुड़े 37 सौ से अधिक मामले साइबर सेल में दर्ज किए गए थे।  इनमें सर्वाधिक 1100 से अधिक मामले क्रेडिट कार्ड व बैंक फ्रॉड के थे। दूसरे नंबर पर 300 से अधिक मामले एटीएम से रकम निकासी के थे। नया साल शुरू होने पर साइबर ठगी का आंकड़ा बादस्तूर जारी रहा और करीब ढाई माह में 750 से अधिक मामले सामने आए। गत 6 मार्च को एसएसपी कलानिधि नैथानी ने उद्घाटन कर गाजियाबाद को प्रदेश का पहला साइबर सेवा केंद्र दिया। साइबर अपराध से जुड़े मामलों के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था करते हुए जिले के सभी मामलों को साइबर सेवा केंद्र पर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। छह मार्च को उद्घाटन वाले दिन ही साइबर सेवा केंद्र पर 25 शिकायतें प्राप्त हुईं तथा इतने ही मामले थानों से ट्रांसफर होकर आए। 9 मार्च तक जिलेभर में चार दिन के भीतर साइबर अपराध के तीन सौ से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
शिकायतों की समीक्षा से पीड़ितों को मिलेगा फायदा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध की स्थिति को देखते हुए ही साइबर सेवा केंद्र की स्थापना की गई है। जिलेभर के पीड़ित अपनी शिकायत यहां दर्ज करा सकेंगे। इतना ही नहीं, दर्ज होने वाले मामलों की हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी, जिससे कि पता चले कि किस शिकायत में क्या कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि इससे पीड़ितों को राहत मिलेगी साथ ही उनमें विश्वास पैदा होगा कि उनकी शिकायत ठंडे बस्ते में नहीं डाली जा सकेगी। इतना ही नहीं, पीड़ित भी साइबर सेवा केंद्र पर जाकर अपने मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी ले सकेंगे।
फेक अकाउंट और ब्लैकमेलिंग के मामले बढ़े
अभी तक साइबर जालसाजों ने झांसा देकर खाते से रकम उड़ाने का तरीका अपना रखा था, लेकिन अब साइबर जालसाजों ने फेक अकाउंट बनाकर पैसे मांगने और स्क्रीन रिकॉर्डर एप से ब्लैकमेलिंग का तरीका अपनाना शुरू कर दिया। ऐसे में इस तरह के मामले बढ़े हैं। साइबर सेवा केंद्र खुलने के बाद फेक अकाउंट बनाकर पैसे मांगने के 70 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। वहीं अश्लील वीडियो कॉलिंग के बाद ब्लेकमेलिंग के भी 6 मामले सामने आए हैं। साइबर ठगी के मामले अपेक्षाकृत बढ़े हैं। साइबर सेवा केंद्र पर हर शिकायत दर्ज की जाएगी। इसके अलावा जिलेभर के थानों में आने वाले मामले भी यहीं आएंगे। हर शिकायत पर गंभीरता से काम किया जाएगा। पीड़ितों को इसका रिस्पांस भी दिखाई देगा।- अभय कुमार मिश्र, सीओ प्रथम व साइबर सेल नोडल अधिकारी
साइबर ठगी से बचने को पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
  •  एटीएम कार्ड और सोशल अकाउंट का पासवर्ड शेयर न करें, गार्ड रहित एटीएम बूथ का इस्तेमाल करने से बचें।
  •  केबिन में दूसरा व्यक्ति होने पर एटीएम का इस्तेमाल न करें और पैसे निकालने के बाद कैसिंल का बटन दबा दें।
  •  किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, ब्लॉग्स, ट्विटर, चैट-रूम आदि पर पर्सनल जानकारी साझा न करें।
  •  अल्फा-न्यूमेरिक सिंबल और स्पेशल कैरेक्टर के साथ मजबूत पासवर्ड बनाएं।
  •  अनजान लिंक को क्लिक न करें।
  •  अनावश्यक एप डाउनलोड न करें।
  •  अनजान नंबर से वीडियो कॉल रिसीव न करें।

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