क्राइम पेट्रोल सीरियल देख कंपनी के 36 लाख लूटे, वारदात के बाद किसी ने उन्हें ही लूट लिया


दिल्ली ब्यूरो। बदरपुर बॉर्डर पर हुई 36 लाख चालीस हजार रुपये लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने एक महीने क्राइम पेट्रोल जैसी सीरीज देखी। आरोपियों ने क्राइम स्टोरी देखकर समझा कि अपराधी कहां गलती करते हैं। आखिर कैसे वारदात को अंजाम देते हैं। क्या नहीं करना है। आरोपी अर्जुन व रोहन कंपनी के रुपये लेकर फरीदाबाद के आसपास जाते रहते थे। दोनों ने दोस्तों संग प्लानिंग की कि जिस दिन ज्यादा रकम होगी उस दिन लूट की वारदात को अंजाम देंगे।
आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए भी कई बातों का ध्यान रखने की योजना बनाई। इसके लिए सुरजीत ने मां की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर एक दोस्त से स्कूटी मांगी। वह स्कूटी से मां को अस्पताल पहुंचाना चाहता था। स्कूटी मिलते ही उसने विकास और सचिन को साथ लिया। फिर फरीदाबाद की तरफ चल पड़े। लूटने वाले औऱ शिकायत करने वाले के बीच में कोई कड़ी न मिले इसके लिए आरोपियों ने योजना में सोनू उर्फ जॉनी को भी शामिल किया। 
वह सभी के संपर्क में था और सभी की लोकेशन आपस में बता रहा था। इसमें सुरजीत की गर्लफ्रेंड मोनी भी शामिल रही। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों को छुपाने में मोनी सक्रिय रही। लूट की रकम से आरोपियों ने खूब मौज मस्ती की। सुरजीत के पास सबसे ज्यादा रकम थी। वह चाहता था कि बिहार निकल जाए और कुछ दिन गायब रहे, लेकिन बाकियों की मौज मस्ती देख वह भी दिल्ली में ही रुक गया। सभी ने अपने लिए महंगे कपड़े और मोबाइल खरीदे व दोस्तों को पार्टी दी। आरोपियों ने लूट की कुछ रकम जुए में भी लगाई।
लुटेरों को ही चूना लगा गए चोर
क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने बताया कि आरोपी लूट के बाद स्कूटी को सड़क किनारे लगाकर बस से फरार हुए। उन्होंने सोचा कि पुलिस स्कूटी को ढूंढती रहेगी और वे बस से निकल जाएंगे। स्कूटी को आरोपी ठिकाने लगाते कि स्कूटी ही चोरी हो गई। अभी तक भी पुलिस स्कूटी को बरामद नहीं कर पाई है। वहीं, लूट की रकम में से ही मोनी के घर से बीस हजार रुपये चोरी हो गए। आरोपियों ने वारदात के दिन ही दिल्ली से एक मिर्ची पाऊडर खरीदा था। शिकायतकर्ताओं की आंख में मिर्च का एक दाना भी नही था, जबकि उनके कपड़ों पर मिर्च लगी हुई थी। यहीं से पुलिस को उनपर शक हुआ।