गाजियाबाद में कोरोना संक्रमण रोकने को सक्रिय हुई 447 निगरानी समितियां


गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिलाधिकारी ने जिले में निगरानी समितियों को सक्रिय किया है। नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में स्थानीय पार्षद को निगरानी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जिससे की कोरोना से बचाव के नियमों का उल्लंघन करने से लोगों को रोका जा सके। संक्रमण से बचाव के लिए उनको जागरूक किया जा सके। प्रत्येक कोरोना संक्रमित और उनके संपर्क में आने वालों का पता लगाया जा सके।
जिले में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए नगर निगम के 100 वार्ड में 100 निगरानी समितियां, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में कुल 186 वार्डो में 186 निगरानी समितियां और ग्रामीण क्षेत्र की 161 ग्राम पंचायतों में 161 निगरानी समितियां बनाई गई थीं। जिनका कार्य संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करना है। संक्रमण के मामले बढ़ने पर अब इन समितियों की जिम्मेदारी फिर से बढ़ गई है। 
निर्देश-
  •  कोविड-19 से ज्यादा प्रभावित राज्यों से आने वालों के बारे में कंट्रोल रूम में जानकारी दें।
  • नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी निगरानी समिति से मिली सूचनाओं को गंभीरता से लें। कंट्रोल रूम को सूचना दें।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों को आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सफाईकर्मियों द्वारा सहयोग किया जाए।
  • प्रत्येक स्कूल के स्तर से विद्यार्थियों और उनके स्वजनों से संपर्क कर कोविड-19 से रोकथाम का प्रचार-प्रसार किया जाए।
  • समाज कल्याण विभाग द्वारा योजनाओं के लाभार्थियों और बुजुर्गो से संपर्क कर उनको जागरूक किया जाए। उनके बारे में कंट्रोल रूम को जानकारी दी जाए।
  • निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों से औषधि निरीक्षकों द्वारा सूचना ली जाए। 
कोरोना संक्रमित की सूचना निगरानी समितियों द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी दी जाएगी। जिससे की कोरोना संक्रमित व्यक्ति को क्वारंटाइन सेंटर भेजा जाए। उसे तुरंत उपचार मुहैया करवाया जा सके और उसके संपर्क में आने वालों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी की जा सके। निगरानी समितियां अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह से निभा रही हैं। – डॉ. अजय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी।