एनएच-9 पर आग का गोला बनी बाइक, चालक जिंदा जला, मानवता दिखाते तो जिंदा होता मनोज


  • होली के अगले दिन बाइक से घर जा रहा एक युवक नैशनल हाइवे-9 के बाईपास पर जिंदा जल गया
  • हाइवे पर हुए हादसे के बाद पेट्रोलिंग यूनिट मदद के लिए पहुंची, तब तक युवक लपटों में घिर चुका था
  • हाइवे पर बाइक से चलते वक्त कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए, टंकी फुल नहीं करानी चाहिए
हापुड़। होली के अगले दिन बाइक से घर जा रहा एक युवक यूपी के हापुड़ में नैशनल हाइवे-9 के बाईपास पर जिंदा जल गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। सड़क पर एक्सिडेंट के बाद अपाचे बाइक घिसट रही थी, तभी चिंगारी उठी। हादसे में बाइक की पेट्रोल टंकी फट गई थी। फ्यूल बाहर था। युवक का पैर बाइक में फंसा था। वह निकलने में सफल होता, तब तक चिंगारी टंकी के पास बह रहे पेट्रोल तक पहुंच गई। चंद सेकंड में पूरी बाइक आग का गोला बन गई। बाइक से चलते वक्त कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। एक्सपर्ट के मुताबिक, फ्यूल टैंक में कंपनी की तरफ से तय मात्रा से थोड़ा कम पेट्रोल डलवाएं। गर्मी में लॉन्ग रूट पर निकलें तो टायर की जांच जरूर करा लें। नैशनल हाइवे-9 पर हुए हादसे के बाद पेट्रोलिंग यूनिट मदद के लिए पहुंची, तब तक युवक लपटों में घिर चुका था। हालात नहीं संभले तो फायर ब्रिगेड और पुलिस को बुलाया गया। एक घंटे बाद दोनों पहुंचे, तब तक युवक का कंकाल बचा था। दिल्ली के कल्याणपुरी में पेट्रोल पंप पर युवक नौकरी करता था।
दिल्ली के एक पेट्रोल पंप पर नौकरी करते थे मनोज
बुलंदशहर के बीबी नगर निवासी मनोज कुमार (28) दिल्ली में कल्याणपुरी के एक पेट्रोल पंप पर नौकरी करते थे। होली पर छुट्टी नहीं मिली तो घर नहीं जा सके थे। दिल्ली से अपाचे बाइक से मंगलवार को घर के लिए निकले थे। एनएच 9 बाईपास पर जेएमएस कॉलेज के सामने बाइक पर उनका संतुलन बिगड़ गया। बाइक घिसटते हुए कुछ दूर जाकर रुकी, तब तक पेट्रोल टंकी फट गई। इस दौरान उठी चिंगारी मनोज के लिए काल बन गई।
चंद सेकंड में आग टंकी तक पहुंची और पूरी बाइक को चपेट में ले लिया। बाइक के नीचे पैर दबने से फंसे मनोज निकल नहीं सके। इसी बीच पेट्रोल टंकी में ब्लास्ट हुआ और बाइक समेत वे भी लपटों से घिर गए। आसपास के खेतों में कुछ लोग काम कर रहे थे। आग की लपटें देखकर वे मौके पर पहुंचे। एनएचएआई की पेट्रोलिंग यूनिट भी आ गई। उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई।
आरोप है कि एक घंटे बाद दोनों पहुंचे। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि 2 बार पुलिस को सूचना दी गई थी। करीब 2 किमी पर हाफिजपुर थाना है। फिर भी आने में एक घंटे से ज्यादा लग गए। तब तक आग बुझ चुकी थी और मनोज का बस कंकाल बचा था। हाफिजपुर थाना पुलिस ने कंकाल को फरेंसिक लैब में जांच के लिए भेज दिया है।
मानवता दिखाते तो जिंदा होता मनोज
हादसे वाले पॉइंट से हर सेकंड 2 वाहनों के गुजरने आंकड़ा है। बाइक में फंसा मनोज दर्द से चीख रहा था। वह मदद की गुहार लगा रहा था। बाइक और कार सवार काफी लोग गुजरे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। इसी बीच वह लपटों से घिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वहां से गुजरने वाले कुछ लोग रुके और विडियो बनाया, लेकिन, मदद नहीं की। कुछ कार ऐसे भी रुके, जिनके पास आग बुझाने वाले छोटे सिलिंडर थे। उन्होंने भी मदद नहीं की।
खेत में काम करने वाले किसान पहुंचे तब तक हाइवे की पेट्रोलिंग टीम भी आ गई। उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा, 'अगर कार वालों ने सिलिंडर निकालकर आग बुझाई होती तो बाइक सवार जिंदा होता। उन्होंने मानवता नहीं दिखाई।'
2 बेटियों के लिए ले जा रहे थे मिठाइयां और खिलौने
छुट्टी नहीं मिलने से मनोज होली पर घर नहीं जा सके थे। उनकी 2 बेटियां और पत्नी गांव में रहती हैं। बेटियों ने खिलौने और मिठाइयों के लिए कहा था। मनोज मिठाई और खिलौने लेकर जा रहे थे। जब हादसा हुआ तो कुछ दूर ये सामान बिखरे थे। मनोज के भाई ने कहा कि साढ़े 11 बजे भैया ने दिल्ली से बाइक पर निकलने की बात कही थी। कई महीनों बाद वे घर लौट रहे थे। दोपहर में पुलिस ने हादसे की सूचना दी तो घर में कोहराम मच गया। मनोज की पत्नी कई बार बेसुध होकर गिर गई। 3 साल पहले उनकी शादी हुई थी।
एएसपी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि बाइक बुलंदशहर के बीबीनगर निवासी रामपाल के नाम पर बाइक थी। वहीं के रहने वाले मनोज कुमार उस बाइक से जा रहे थे। आग लगने की वजह से बाइक समेत जल गए। मामले की अभी जांच चल रही है।
बाइक से चलें तो रखें ध्यान
- फ्यूल टैंक में कंपनी की तरफ से तय मात्रा से थोड़ा कम पेट्रोल डलवाएं।
- गर्मी में लॉन्ग रूट पर निकलें तो टायर की जांच करा लें।
- टायर में हवा मानक से थोड़ा कम रखें और एक्सपर्ट की सलाह पर नाइट्रोजन जरूर डलवाएं।
- तय समय पर सर्विसिंग किसी ऑथराइज्ड जगह से जरूर कराएं।
- प्लग और दूसरे सामान हमेशा ओरिजिनल कंपनी का ही लगवाएं।
- बाइक पर ज्यादा वजन वाले सामान लेकर न निकलें।
- हाइवे या खुली जगह गति हमेशा नियंत्रित रखें, संभव हो तो 60 किमी प्रति घंटा तक चलें।
- हाइवे या खुली जगह बाइक तेज रफ्तार में होने से हवा के दबाव से हादसे की आशंका होती है।