जीटीबी अस्पताल में बदमाशों का हमला, फिल्मी अंदाज में पुलिसवालों की आंखों में मिर्च झोंक साथी कैदी को छुड़ा ले गए बदमाश



सुनील कुमार,(दिल्ली ब्यूरो)। राजधानी दिल्ली में बदमाशों के इतने बुलंद हैं कि वो दिनदहाड़े पुलिस से आमना सामना करने के लिए तैयार है। बृहस्पतिवार को पूर्वी दिल्ली के गुरूतेग बहादुर अस्पताल के बाहर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, यहां एक बदमाश को छुड़ाने के लिए उसके गैंग के आधा दर्जन साथी पहुंचे थे। इन सभी ने पहले पुलिस पार्टी पर मिर्च पाउडर फेंका उसके बाद अपने साथी को छुड़ाकर ले जाने लगे। पुलिस ने इनामी बदमाश को भगाने के लिए आए बदमाशों पर गोली चलाई जिसमें एक बदमाश मौके पर ही ढेर हो गया। उसके बाकी साथी उसे भगाकर ले जाने में कामयाब हो गए। दिल्ली में दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद से पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। स्पेशल स्टाफ को इस इनामी बदमाश के बारे में जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है।

 पुलिस की अन्य टीमें उसे पकड़ने में जुट गई हैं। बृहस्पतिवार सुबह मंडोली जेल से कुलदीप को जीटीबी अस्पताल के सर्जरी विभाग में इलाज के लिए लाया गया था। इलाज करवाने के बाद पुलिस उसे जेल ले जाने लगी। बटालियन के जवान सर्जरी विभाग की बिल्डिंग से निकलकर जैसे ही दोपहर 12:30 बजे डायबिटिक सेंटर, गेट नंबर-8 के पास पहुंचे तभी पहले से घात लगाए करीब दस बदमाशों ने टीम पर हमला कर दिया। कैमरे से कुलदीप का वीडियो बना रहे एएसआइ ब्रह्मपाल की आंखों में बदमाशों ने मिर्च पाउडर झोंक दिया और कांस्टेबल अरविंद को पीछे से पकड़ लिया। बदमाश ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लगे, जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। गोलियों की तड़तड़ाहट से अस्पताल में भगदड़ मच गई। मुठभेड़ में दो बदमाशों को गोलियां लगी। इस बीच अन्य बदमाश कुलदीप को पैदल लेकर गेटन नंबर सात से अस्पताल से बाहर ले गए। अस्पताल से बाहर निकलते ही बदमाशों ने हवा में गोलियां चला दी और एक दंपती से बजाज सीटी-100 मोटरसाइकिल लूट ली। कुलदीप और उसके साथी मौके से फरार हो गए। घायल हालत में पुलिस ने दोनों बदमाशों को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां बेगमपुर निवासी रवि को मृत घोषित कर दिया। जबकि मुंडका के रहने वाले अंकेश का अस्पताल में इलाज चल रहा है। रवि और अंकेश पर हत्या, लूट सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अंकेश से पूछताछ कर रही है।