बेघर हुआ नैशनल हॉकी प्लेयर का परिवार, किस्तें न देने पर पीडीए ने खाली कराया मकान, पीएम-सीएम से लगाई गुहार


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक नैशनल हॉकी प्लेयर गले में मेडल डालकर, सर्टिफिकेट और हॉकी स्टिक के साथ प्रयागराज विकास प्राधिकरण का चक्कर मारने को मजबूर है। पीडीए के अधिकारियों ने मकान का बकाया किस्त जमा न करने पर मकान खाली करा लिया है। हॉकी प्लेयर का पूरा परिवार पिछले 8 दिनों से सड़क पर गुजर-बसर करने को मजबूर है। नैशनल हॉकी प्लेयर मोहम्मद तालिब की मदद के लिए मोहल्ले के कई लोगों के साथ कोच और साथी खिलाड़ी भी आगे आए हैं।
पीडीए से मकान बचाने के लिए मांगी जा रही रकम का इंतजाम फिर भी नहीं हो पा रहा है। वहीं पीडीए द्वारा मकान खाली कराए जाने से बेघर हुए नैशनल हॉकी प्लेयर मोहम्मद तालिब ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार लगाई है।
आर्थिक तंगी की वजह से नहीं जमा कर पाए किस्त
प्रयागराज करेली में अटाला के मकान नंबर 5/1 कॉर्पोरेशन कॉलोनी में नैशनल हॉकी प्लेयर मोहम्मद तालिब का परिवार कई सालों से रह रहा था। तालिब के पिता शाह आलम को साल 2000 में 25 हजार रुपये जमा करने पर तीन मंजिला पीडीए की बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर पर आवास आवंटित हुआ था। आर्थिक तंगी के चलते नौ साल तक वह किस्त जमा नहीं कर सके। इसके बाद साल 2009 में बकाया रकम ब्याज सहित एक लाख 55 हजार हो गई।
कुछ दिनों बाद फरवरी 2009 में ओटीएस यानि वन टाइम सेटेलमेंट की स्कीम के तहत दो किस्तों में एक लाख 27 हजार जमा कराने को पीडीए ने कहा। तालिब के पिता के मुताबिक पहली किस्त तो उन्होंने जमा कर दी लेकिन दूसरी किस्त जमा करने में पीडीए के बाबू ने रसीद देने में देरी कर दी। इस मामले को वे उपभोक्ता फोरम में ले गए और तीन साल की लड़ाई के बाद हाईकोर्ट जाने का आदेश हुआ। हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली।
इसके बाद 18 मार्च को पीडीए ने सामान बाहर निकाल कर आवास खाली करा लिया। पिछले 8 दिनों से तालिब का पूरा परिवार सामान के साथ सड़क पर बैठा हुआ है।
नैशनल प्लेयर लीग मैच छोड़कर वापस आया घर
परिवार को बेघर किए जाने की खबर सुनकर कोलकाता में कस्टम विभाग की ओर से कोलकाता हॉकी लीग खेल रहे मोहम्मद तालिब खेल को बीच में छोड़कर प्रयागराज लौट आए हैं। तालिब मध्य प्रदेश और पंजाब की ओर से साल 2014 और साल 2018 तक सब जूनियर, जूनियर और सीनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप में प्रतिभाग कर चुके हैं। परिवार को बेघर किए जाने के बाद मोहम्मद तालिब अब अपने मेडल, सर्टिफिकेट और हॉकी स्टिक के साथ प्रयागराज विकास प्राधिकरण के भी चक्कर लगा रहे हैं।
मोहम्मद तालिब पीडीए के वीसी से भी मुलाकात की, जिसके बाद उन्हें पीडीए के वीसी ने अधिकारियों के पास भेज दिया लेकिन अधिकारियों ने मकान वापस पाने के लिए जो अदायगी बताई है, उसे सुनकर ही मोहम्मद तालिब परेशान हो उठे हैं। पीडीए के मुताबिक अगर ये मकान बचाना है तो 21 लाख 12 हजार 170 रुपये जमा कराने होंगे लेकिन मोहम्मद तालिब का कहना है कि उनके परिवार की माली हालत ठीक नहीं और इतनी बड़ी रकम जुटा पाना मुमकिन नहीं है। मोहम्मद तालिब ने देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी आलोक पाण्डेय के मुताबिक परिवार ने आवंटित मकान की किस्तें समय से जमा नहीं कीं, जिसके चलते साल 2014 में लगभग यह पांच लाख हो गया लेकिन इस धनराशि को जमा न करने पर इनका आवंटन निरस्त कर दिया गया है। उनके मुताबिक उपभोक्ता फोरम और हाईकोर्ट से भी परिवार को कोई राहत नहीं मिली है। इसके बावजूद परिवार को रकम जमा करने का मौका दिया गया लेकिन जब धनराशि जमा नहीं की गई तब मजबूरन 18 मार्च को मकान खाली कराने की कार्रवाई की गई है। उनके मुताबिक आवंटन निरस्त होने के बाद रिस्टोर यानि पुर्नस्थापन की व्यवस्था है। गणना कराकर देयता जमा करने का मौका दिया जाएगा लेकिन मोहलत के बाद भी धनराशि जमा न करने पर पीडीए किसी दूसरे को मकान आवंटित कर सकता है। उनके मुताबिक हॉकी खिलाड़ी होने के नाते नियमानुसार पीडीए से फिलहाल कोई राहत नहीं मिल सकती है लेकिन राज्य सरकार और खेल विभाग से पत्राचार करने पर ही कोई मदद हो सकती है। आपको बता दें कि तालिब ने सोशल मीडिया से लोगों से आर्थिक सहायता मदद की गुहार लगाई थी, जिसमें से कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने तालिब को आर्थिक मदद दी है। इसमें तकरीबन तीन लाख तालिब के पास इकट्ठा हो गया है।