दिल्‍ली, मेरठ और हरियाणा के गैंगस्‍टर्स को करते थे हथियारों की सप्‍लाई


  • अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़े 3 हथियार सप्लायर गिरफ्तार, 24 पिस्टल बरामद
  • मध्य प्रदेश के खारगांव, धार, बड़वानी और बुरहानपुर क्षेत्रों से पहुंची थी खेप
  • स्पेशल सेल ने इनके पास से मोबाइल फोन और चोरी की कार भी बरामद की
  • मुख्य आरोपी थोक से 15 हजार रुपये में पिस्टल लेकर 25 से 35 हजार में बेचता था
नई दिल्ली। स्पेशल सेल ने अवैध हथियारों के अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़े तीन सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यूपी के हाथरस निवासी भुवनेश कुमार, मुरसान निवासी रौकेश कुमार और अलीगढ़ निवासी चंद्रवीर सिंह के तौर पर हुई है। आरोपियों के कब्जे से 24 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, मोबाइल फोन और चोरी की कार बरामद हुईं हैं।
सूचना के आधार पर लगाया था ट्रैप
डीसीपी संजीव यादव के मुताबिक, एसीपी जसबीर सिंह के सुपरविजन में इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार और टीम काफी समय से अवैध हथियारों के सिंडिकेट पर निगरानी रखे हुए थी। जानकारी थी कि मध्य प्रदेश के खारगांव, धार, बड़वानी और बुरहानपुर क्षेत्रों से दिल्ली में अवैध हथियारों को भेजा जाता है। इसी कड़ी में गुरुवार को सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश के दो हथियार सप्लायर दिल्ली एनसीआर में एक्टिव गैंग और गैंगस्टर्स को हथियार सप्लाई के लिए हेलीपैड क्षेत्र, रोहिणी के पास आएंगे। सेल की टीम ने कराला की ओर जाने वाली सड़क पर रोहिणी हेलीपैड के पास टी-पॉइंट पर ट्रैप लगाया। रात करीब 10:25 बजे कराला की ओर जाने वाली सड़क पर एक वैगनआर कार दिखाई दी। टीम ने घेर कर आरोपियों को पकड़ लिया। भुवनेश कुमार के पास से 14 अवैध पिस्टल और रौकेश कुमार के पास से 10 अवैध पिस्टल बरामद किए गए। कार की जांच करने पर पता चला कि इसे राजौरी गार्डन से चोरी किया गया है। कार को आरोपियों का साथी चंद्रवीर सिंह चला रहा था। जिसे सप्लाई के लिए पैसे दिए जाते थे।
कोविड के चलते चली गई एक की नौकरी
पूछताछ में पता चला कि भुवनेश कुमार ने बी फार्मा की पढ़ाई की है। वह लॉकडाउन से पहले बाउंसर के तौर पर काम करता था, लेकिन कोविड के कारण नौकरी से हाथ धोना पड़ा। इसके बाद हथियार सप्लाई के धंधे से जुड़ गया। शुरू में वह स्थानीय गैंगस्टरों को अवैध हथियारों की आपूर्ति करता था, लेकिन जल्दी ही वह दिल्ली, मेरठ और हरियाणा के खूंखार अपराधियों और गैंगस्टरों के संपर्क में आया और उन्हें हथियारों की सप्लाई करने लगा। वह थोक में 15 हजार रुपये प्रति पिस्टल लेता है और सप्लाई में 25 हजार से 35 हजार रुपये में बेच देता है।
वहीं, रौकेश कुमार कुछ पारिवारिक विवाद के कारण अपना घर छोड़कर चला गया था। वह भुवनेश कुमार के नजदीकी गांव का है। दोनों सपंर्क में आए और एक साथ हथियार सप्लाई करने लगे। चंद्रवीर सिंह हाथरस में साइकिल मैकेनिक का काम सीखता था, जहां वह भुवनेश कुमार के संपर्क में आया। आसानी से पैसे कमाने के लिए सप्लाई में जुड़ गया। उसने दिल्ली में अपने एक संपर्क से चोरी की कार खरीदी। दोनों उसे दिल्ली, हरियाणा और यूपी के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई के लिए प्रति ट्रिप 8,000-10,000 रुपये देते थे।