नजफगढ़ में गैंगवॉर में रिटायर्ड फौजी की गोलियां बरसाकर ली जान


  •  जिसे मारने आए थे, उसके भाई को मार दिया
  • 5 गोली चलाई, 03 लगी, हॉस्पिटल में हुई मौत
  • बीसी भाई के रिटायर्ड फौजी भाई की हुई हत्या
दिल्ली ब्यूरो। जाफर पुर कलां में गैंगवॉर के खूनी खेल में बदमाशों ने एक रिटायर्ड फौजी की गोली मारकर हत्या कर दी। हालांकि वह उसके बदमाश भाई को मारने के लिए आये थे। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों के चेहरे मिले हैं। उनकी पहचान की जा रही है। जिस युवक को वह मारने के लिए आये थे, वह मंजीत महल का करीबी बताया जा रहा है, जबकि आरोपी नंदू गैंग से जुड़े माने जा रहे हैं। मरने वाले का नाम मुकेश (45) है। वह आर्मी से रिटायर थे और नई नौकरी की तलाश में थे।
पुलिस ने बताया कि शाम राकेश के घर पर बाइक सवार बदमाश पहुंचे। उन्होंने मुकेश से उसके भाई राकेश के बारे में पूछा। मुकेश ने भाई की लोकेशन के बारे में जानकारी न होने की बात कही तो बदमाशों ने मुकेश पर ही ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उन्होंने 5 गोलियां चलाईं, जिसमें तीन मुकेश को लगी। अस्पताल में उनकी मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि वारदात जाफरपुर कलां के उजवा गांव में हुई है। मुकेश गांव के चौपाल जैसी खुली जगह पर बैठे थे। पुलिस को पूछताछ में पता चला कि बाइक सवार दो बदमाश वहां पहुंचे थे और मुकेश से पूछा था कि उनका भाई राकेश कहां है ? राकेश इलाके का घोषित बदमाश है और मंजीत महल गैंग का सपोर्टर है। मुकेश ने कहा कि उनको राकेश के बारे में नहीं पता, जिस पर बदमाशों ने गोली उसी पर दाग दी।
डीसीपी संतोष मीणा ने बताया कि पुलिस को कई सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। जिस बाइक पर दोनों बदमाश आए थे, उस पर जो नंबर प्लेट थी, वह जांच में फर्जी मिली है। राकेश की मनोज खच्चर गैंग से दुश्मनी थी। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। मनोज खच्चर और मंजीत महल दोनों जेल में हैं, जबकि नंदू की लोकेशन के बारे में किसी को नहीं पता। नंदू के विदेश भागने के कयास लगाए जा चुके हैं।