दृष्टिबाधित गुलिस्तां और शानू की हुई अनूठी शादी

मुजफ्फरनगर। दृष्टिबाधित गुलिस्ता और शानू एक-दूजे के लिए ही बने थे, तभी तो रब ने उनकी जोड़ी बना दी। हरिद्वार जिले का मोहम्मदपुर कुन्हारी गांव इस अनूठी शादी का गवाह बना। लोगों ने दिल से दोनों को आशीर्वाद दिया। दूल्हा शानू हरियाणा के जगाधरी में रेलवे में है, जबकि गुलिस्तां दिल्ली के पीएनबी में काम करती है।
दरअसल, लक्सर के मोहम्मदपुर कुन्हारी निवासी नूर मोहम्मद की बेटी गुलिस्ता बचपन से ही दृष्टिबाधित थी। परिवार उसके भविष्य को लेकर बेहद चिंतित था। बचपन से ही गुलिस्तां पढ़ाई में अव्वल रही। परिवार ने भी आगे बढ़ने में उसका पूरा साथ दिया। गुलिस्तां ने दिव्यांग कॉलेज चित्रकूट में पढ़कर स्नातक की परीक्षा पूरी की। यहीं पर इलाहाबाद निवासी दृष्टिबाधित शानू परिवार की नजर में आया था।
दो अंधेरी जिंदगियों में आई खुशियों की रोशनी
मुज़फ्फरनगर के कुटेसरा निवासी पूर्व प्रधान याकूब दो साल से आंखों से दिव्यांग अपनी साली गुलिस्तां का निकाह शानू से कराने के लिए प्रयासरत थे। शानू ने पहले प्रस्ताव को यह कहकर ठुकरा दिया था कि सरकारी नौकरी लगने के बाद ही शादी को लेकर कोई फैसला करेंगे। एक साल पहले शानू की रेलवे में नौकरी लग गई तो याकूब ने नए सिरे से रिश्ते की बात शुरू की। इस बार दोनों के परिजन निकाह को राजी हो गए। रविवार को शानू की बरात इलाहाबाद से लेकर आया। मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह की रस्म पूरी कर दोनों एक दूसरे के हो गए।