सीरियल रेपिस्ट ने जेल से छूटते ही चार महिलाओें से किया था दुष्कर्म, मुठभेड़ में गिरफ्तार


नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने 25 फरवरी को रास्ते से गुजर रही महिला से दुष्कर्म और मोबाइल नकदी लूटने के आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ़्तार किया। आरोपी के मुठभेड़ में गोली लगी थी। हमीरपुर के उमरी गांव निवासी आरोपी हरीशंकर से पूछताछ की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी सीरियल रेपिस्ट है। आरोपी फरवरी में गौतमबुद्घ नगर से कारागार से छूटा था। आरोपी ने जेल से बाहर आकर चार महिला से दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। वहीं, वर्ष 2019 में भी छह महिलाओं को दुष्कर्म का शिकार बना चुका है। हालांकि केवल एक पीड़िता ने ही दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। अन्य किसी कारणवश केस दर्ज नहीं करा पाईं।
पुलिस के मुताबिक, सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में 25 फरवरी को एक महिला रास्ते से गुजर रही थी। इसी दौरान हमीपरपुर जिले के उमरी गांव निवासी हरीशंकर ने महिला को झाड़ियों में खींच लिया। महिला के विरोध करने पर आरोपी ने उसे पीटा और जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया। 
इसके बाद आरोपी महिला का मोबाइल और तीन हजार रुपये लूटकर फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस केस दर्ज कर आरोपी को तलाश रही थी। सोमवार रात सूरजपुर कोतवाली प्रभारी अजय कुमार की टीम ने प्राधिकरण दफ्तर के पीछे सर्विस रोड पर मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। आरोपी को वर्ष 2019 में एनडीपीएस और लूट के मामले में जेल भेजा गया था और पिछले महीने ही आरोपी को जमानत मिली थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी जेल से बाहर आकर हमीरपुर चला गया था। वहां पर उसने चार महिलाओं से दुष्कर्म व लूटपाट की घटनाएं की। आरोपी साइको है। आरोपी नशा करने के बाद एकांत रास्ते या स्थान पर घूमता है। अगर यहां से कोई महिला गुजरती है तो उसे वह मुंह दबाकर झाड़ियों मेेें खींचकर ले जाता है। इसके बाद आरोपी दुष्कर्म करता है और विरोध करने पर बेरहमी से पीटता है। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने महिला की शिकायत पर दुष्कर्म और लूटपाट का केस दर्ज करने के बाद आरोपी की तलाश शुरू की थी। पुलिस ने सीरियल रेपिस्ट को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2019 में कई महिलाओें से दुष्कर्म कर चुका है। फरवरी में जेल से छूटने के बाद ही उसने चार महिलाओं से दुष्कर्म किया है। आरोपी का केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी।- वृंदा शुक्ला, डीसीपी महिला सुरक्षा