नारायणा थाना पुलिस ने मुन्ना भाई गिरोह की सरगना को किया गिरफ्तार


नई दिल्ली। नारायणा थाना पुलिस ने एक ऐसी युवती को गिरफ्तार किया है जो मुन्ना भाई गिरोह की सरगना थी और खुद को आइपीएस अधिकारी बताती थी। जो भी बेरोजगार इसके झांसे में आते थे, उन्हें नौकरी दिलाने की बात कहकर यह पैसे वसूल लेती थी। दूसरों पर ज्यादा प्रभाव पड़े, इसके लिए युवती अपने साथ दो सहयोगियों को रखती थी। दोनों में से खुद को दिल्ली पुलिस का सबइंस्पेक्टर व एक खुद को हेड कांस्टेबल बताता था। किसी को शक न हो इसके लिए तीनों जब भी किसी से मिलते थे तो ये पुलिस की वर्दी में ही होते थे। युवती के सहयोगियों में एक उसका साथी व एक सगा भाई था। गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल थे। युवती के अलावा तीन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों में सोनीपत के गांव बिढनौली निवासी वैशाली व इसका भाई लव कुमार, सोनीपत के पटेल नगर निवासी रोहित कुमार, बहादुरगढ़ निवासी हिमांशु शामिल हैं। आरोपित सरकारी पदों के लिए आयोजित होने वाली ऑनलाइन परीक्षाओं में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सेंध लगाते थे।
कई राज्यों से गिरोह के तार जुड़े
यह पूरा गिरोह संगठित तरीके से कार्य करता था। इनके तार दिल्ली के अलावा हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश में फैले हैं। खासकर इन राज्यों के ग्रामीण इलाकों पर इनकी नजर रहती थी। ग्रामीण इलाके में इन्हें आसानी ने बेरोजगार मिल जाते थे। पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त उर्विजा गोयल ने बताया कि आरोपित नौकरी दिलाने के एवज में 15 से 25 लाख रुपये तक ऐंठ लेते थे। आरोपित ऑनलाइन परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्र लीक करने के लिए परीक्षा केंद्रों के कर्मचारियों से मिलीभगत कर परीक्षा देने वाले के लिए मोबाइल का इंतजाम करते थे। कई बार ये केंद्र पर नकली परीक्षार्थी भेजते थे। अंदर बैठा नकली या असली परीक्षार्थी मोबाइल से प्रश्न पत्र के बारे में बाहर बैठी युवती को पूरी जानकारी दे देता था। यह युवती गिरोह में शामिल सहयोगियों से प्रश्न पत्र के उत्तर तैयार करवाती और फिर इसे परीक्षार्थी को बता देती। प्रश्नों के सही उत्तर बताने के लिए गिरोह ने अलग अलग विषयों के विशेषज्ञों से मिलीभगत कर रखी थी। इसके बाद गिरोह अंदर बैठे परीक्षाथी को सही उत्तर के बारे में जानकारी दे देते।
एक मोबाइल से खुलता गया राज
दरअसल नारायणा थाना पुलिस को पता चला था कि उनके क्षेत्र में स्थित एक परीक्षा केंद्र में एक युवक मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है। नारायणा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर समीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित टीम ने इस पूरे मामले की तह में जाने का फैसला किया। इस मोबाइल में सुरक्षित तमाम जानकारियों का पुलिस ने विश्लेषण करना शुरू किया। इसके बाद पुलिस एक के बाद एक आरोपित तक पहुंचती चली गई। आरोपितों के कब्जे से पुलिस ने हरियाणा के चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय के निम्न श्रेणी लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद के 17 आवेदन व प्रवेश पत्र जब्त किए। इसके अलावा आधार कार्ड, पहचान पत्र, पैन कार्ड भी पुलिस को बरामद हुए। आरोपितों द्वारा पहनी जाने वाली पुलिस की वर्दी भी बरामद हुई।