इंजीनियर से कार लूट में चौकी इंचार्ज समेत चार लाइन हाजिर, बदमाशों का पता लगाने जुटी पुलिस


ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में रविवार रात बदमाशों ने ओप्पो मोबाइल कंपनी के इंजीनियर निशांत की पत्नी अन्नू पर पिस्टल तानकर कार लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में डीसीपी हरीश चंदर ने जुनपत चौकी इंचार्ज अरुण वर्मा, हेड कांस्टेबल ओपेंद्र सिंह, बीट कांस्टेबल साहिल सुल्तान और आकाश विकल को लाइन हाजिर कर दिया है। बदमाशों को पकड़ने के लिए थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच, एसओजी, सर्विलांस, साइबर सेल आदि की करीब दस टीम जुटी हैं। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। वहीं वारदात के दौरान क्षेत्र में मौजूद एक सेंट्रो कार की तलाश की जा रही है।
पुलिस टीम ने सोमवार सुबह भी घटना स्थल का मौका मुआयना किया। इस दौरान फुटपाथ पर बैठे विक्रेताओं को वहां से हटा दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के दौरान एक सेंट्रो कार मौके पर देखे जाने की जानकारी दी है। निशांत के अनुसार लोगों का कहना था कि कार में पांच लोग बैठकर आए थे लेकिन जाते समय उसमें केवल तीन लोग ही थे। आशंका कि वह बदमाशों के साथी हो सकते हैं। पुलिस भी सेंट्रो कार की तलाश में लगी है।
वहीं निशांत ने बताया कि उन्होंने घटना के बाद डायल-112 और 100 नंबर पर कॉल की लेकिन संपर्क नहीं हुआ। तभी एक पुलिस वाहन वहां आया जिसे देखकर बदमाशों ने कार सेक्टर में घुसा दी। निशांत ने उसी वाहन में सवार पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी दी। सीसीटीवी फुटेज में खुलासा हुआ कि आरोपी सेक्टर में एक गेट से घुसने के बाद दूसरे गेट से फरार हो गए।
चौकी पर निर्माण करा रहे थे चौकी इंचार्ज
करीब दो माह पहले सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में पेट्रोल पंप कर्मियों से लूट की घटना हुई थी। उस दौरान तत्कालीन कोतवाली प्रभारी प्रदीप त्रिपाठी को निलंबित किया गया था। इसके बाद जुनपत समेत दो चौकी बनाने का निर्णय लिया गया था। जुनपत चौकी पर अरुण वर्मा की तैनाती की गई थी। वह चौकी पर कमरे आदि का निर्माण करा रहे थे।
200 मीटर तक घिसटता गया पैर, बेटी पर आंच नहीं आने दी
घटना के वक्त निशांत सब्जी खरीदने कार से उतरे थे, जबकि पत्नी अन्नू पीछे की सीट पर अपनी बच्ची को गोद में लेकर बैठी थीं। अन्नू के अनुसार जैसे ही बदमाश कार में घुसे तो उसने दूसरी तरफ का गेट खोकर एक पैर बाहर निकालकर उतरने का प्रयास किया था। तभी ड्राइविंग सीट पर बैठे बदमाश ने तेज रफ्तार में कार दौड़ा दी। 200 मीटर तक उसका पैर जमीन से घिसटता हुआ गया। इसी वजह से पैर में चोट आई। खुद को और बेटी को छोड़ने की गुहार लगाने पर बदमाशों ने कार की रफ्तार कुछ कम की और अन्नू को धक्का देकर उतार दिया। इस दौरान अन्नू ने बच्ची को इस तरह संभाले रखा कि उसे खरोंच भी नहीं आई। अन्यथा अनहोनी हो सकती थी।
मूलरूप से जींद हरियाणा निवासी निशांत ओमेक्स पाम सोसाइटी में रह रहे हैं। निशांत ने बताया कि वह करीब डेढ़ साल से ओप्पो कंपनी के कंस्ट्रक्शन विभाग में सिविल इंजीनियर पद पर कार्यरत हैं। रविवार को वह ओमीक्रान-3 सेक्टर के बार फुटपाथ पर सब्जी बेच रहे विक्रेताओं के पास रुके। कार में चार माह की मासूम बेटी होने के कारण उसे लॉक नहीं किया। चाबी और मोबाइल भी कार में ही छोड़ दिए थे।
तभी एक बदमाश कार की ड्राइविंग और दूसरा पीछे की सीट पर बैठ गया। उन्होंने अन्नू पर पिस्टल तान दी और शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी। निशांत ने बताया कि उनकी कंपनी घर से लगभग आठ किमी दूर है। कंपनी का काम और चीन के अधिकारियों से अक्सर वर्चुअल मीटिंग देर रात को होती है। वह अब तक बेखौफ होकर कंपनी आते-जाते थे। इस घटना से उन्हें डर लगने लगा है। सोमवार को एडीसीपी पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे।