आजमगढ़ में सिपाही रेप पीड़िता को अनुदान दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते पकड़ा गया


आजमगढ़। रेप पीड़िता को समाज कल्याण से मिलने वाली मदद की फाइल आगे बढ़ाने के लिए 25 हजार रुपये मांगने वाले सिपाही को एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को एसपी कार्यालय के पास 20 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरक्षी की गिरफ्तारी से विभाग में हड़कंप मच गया।
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक युवती के साथ दुष्कर्म हुआ था। पीड़ित युवती का भाई उसे न्याय दिलाने के लिए मुकदमे में पैरवी कर रहा था। अनुसूचित जाति की महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना होने पर सरकार ने समाज कल्याण विभाग क माध्यम से उन्हें आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की है। इसके तहत दुष्कर्म की घटना में रिपोर्ट पंजीकृत होने और मेडिकल के बाद दुष्कर्म की पुष्टि होने पर पीड़िता को 2.5 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके बाद जब कोर्ट से आरोपी को सजा हो जाती है तो 2.5 लाख की और मदद पीड़िता को दी जाती है। सब मिलाकर पांच लाख की मदद सरकार दुष्कर्म पीड़िता को देती है।
रुपये नहीं दिए तो फाइल आगे नहीं बढ़ी
सरकार से मिलने वाली उसी मदद को हासिल करने के लिए पीड़िता के भाई ने पुलिस की विशेष जांच प्रकोष्ठ में संपर्क किया था। यहां तैनात सिपाही दिलीप कुमार ने अनुदान दिलाने का भरोसा देते हुए पीड़ित भाई को भरोसे में ले लिया। लिखा-पढ़ी शुरू हुई तो सिपाही ने अधिकारियों के नाम पर 25 हजार रुपये की डिमांड कर डाली। गरीब के पास रुपये नहीं थे। लेकिन सिपाही के दबाव में रुपये देने की बात स्वीकार कर लिया। आर्थिक तंगी के कारण वह रुपया नहीं दे पाया तो फाइल आगे नहीं बढ़ी। पीड़ित कई बार संबंधित कर्मचारियों से मिला। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़िता के भाई ने एंटी करप्शन से लगाई गुहार
मजबूर होकर उसने एंटी करप्शन विभाग गोरखपुर से संपर्क किया। इसके बाद एंटी करप्शन विभाग ने घूस मांग रहे सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति तय की और शनिवार को आजमगढ़ पहुंच गई। टीम ने डीएम से मुलाकात कर साक्षी मांगा। साक्षी मिलने पर टीम ने पुलिस आफिस के पास अपना जाल बिछाया। आरोपी आरक्षी ने जैसे ही घूस का 20 हजार रुपये पकड़ा टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
वर्दी में मौजद सिपाही की गिरफ्तारी से हड़कंप मच गया। टीम आरोपी को लेकर कोतवाली गई। जहां विधिक कार्रवाई करने के बाद उसे लेकर गोरखपुर रवाना हो गई। एंटी करप्शन टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर रामधारी मिश्रा ने बताया कि पहले से पीड़ित व्यक्ति से रिश्वत मांगना घोर अपराध है। ऐसे में सूचना मिलते ही हमने ऑपरेशन कर गिरफ्तारी की है। आरोपित को सजा दिलाने तक हम विधिक प्रयास करेंगे। टीम में इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह, चंद्रेश यादव, अशोक कुमार सिंह, चंद्रभान मिश्रा, नीरज सिंह, शैलेश कुमार राय आदि शामिल थे।