दुबई में लिखी गई थी कुलदीप फज्जा के अस्पताल से भागने की कहानी


  • जेल में लॉरेन्स बिश्नोई, जितेंद्र गोगी से संदीप उर्फ काला जठेड़ी ने मिलाया हाथ
  • संदीप के अभी दुबई या बैंकॉक में से कहीं होने के कयास लगाए जा रहे हैं
  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पहले ही गिरोह के सदस्यों पर रख रही थी नजर
दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस ने जीटीबी अस्पताल से फिल्मी स्टाइल में भागने वाले गैंगस्टर कुलदीप उर्फ फज्जा को 72 घंटे के भीतर खोज कर ढेर कर दिया। कुलदीप को अस्पताल से भगाने की पूरी साजिश दुबई में लिखी गई थी। इस साजिश को लिखने वाला कोई और नहीं बल्कि दुबई बेस्ड दिल्ली पुलिस की लिस्ट में मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल संदीप उर्फ काला जठेड़ी ने लिखी थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कुलदीप को जेल से भगाना संदीप के दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और यूपी के कुछ हिस्सों में जुर्म के साम्राज्य को मजबूत करने की बड़ी साजिश का हिस्सा था।
जेल में कई गैंगस्टरों से मिलाया था हाथ
संदीप उर्फ काला जठेड़ी पिछले साल फरवरी में गुड़गांव पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था। संदीप पर पुलिस ने 7 लाख रुपये का इनाम रखा है। दिल्ली में अपने सिंडिकेट को फैलाने के लिए उनसे जेल में लॉरेन्स बिश्नोई, जितेंद्र गोगी, के अलावा बैंकॉक के रहने वाले भगोड़े काला राणा से हाथ मिलाया। उसका मुख्य उद्देश्य नीरज बवानिया और आनंद पालस सिंह जैसे गैंगस्टरों की मौत और गिरफ्तारी के बाद खाली हुई जगह को भरना था। टाइम्स ऑफ इंडिया ने 26 मार्च को ही यह खबर दी थी कि कुलदीप को भगाने के पीछे संदीप उर्फ काला जठेड़ी का हाथ हो सकता है।
दुबई या बैंकॉक में होने के लगाए जा रहे कयास
संदीप के अभी दुबई या बैंकॉक में से कहीं होने के कयास लगाए जा रहे हैं। संदीप हर स्टेट में एक कमांडर रखना चाहता था। इसके लिए वह सभी गैंग के साथ मिलकर एक बड़ा सिडिंकेट तैयार करना चाहता था। जब यह बड़ा अलायंस बन गया तो ऐसे में फज्जा उसके लिए परफेक्ट आदमी था जो दिल्ली को अच्छे तरीके से जानता था। वह जितेंद्र मान उर्फ गोगी के गाइडेंस में दिल्ली को हैंडल कर सकता है था। गैंगस्टर गोगी अभी तिहाड़ जेल में बंद है।
12 बदमाशों में से सिर्फ दो को ही थी प्लान की जानकारी
जीटीबी एनकाउंट में घायल अंकेश इन गैंग्स के बीच लॉजिस्टिक्स मुहैया कराने का काम करता था। जठेड़ी, राणा व अन्य सभी इससे ही लोकल लड़कों के लिए अंकेश से ही संपर्क करते थे। कुलदीप को भगाने का प्लान इस कदर फूलप्रूफ था कि सभी को सिर्फ जरूरी जानकारी ही दी गई थी। जीटीबी अस्पताल पहुंचे करीब दर्जन भर बदमाशों में से सिर्फ दो लोगों को ही पता था कि फज्जा को यहां से निकालना है। जबकि अन्य लोगों को कहा गया था कि फज्जा की जान को खतरा है ऐसे में दूसरे गैंग को अपनी ताकत दिखानी है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पहले ही गिरोह के सदस्यों पर नज़र रख रही थी। इनमें से कुछ को गिरफ्तार भी कर लिया था। पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार हुए प्रियव्रत व अस्पताल से भागने से बाद फज्जा से मिलने वाले लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने डोंगल और वाई-फाई डिवाइसेज के माध्यम से किए गए उनके कम्युनिकेशन का भी एनालिसिस किया। अंत में, फज्जा को रोहिणी में ट्रैक कर लिया गया।