अंतरराज्यीय हथियारों के तस्करों के गैंग का शातिर बदमाश गिरफ्तार


नई दिल्ली। अंतरराज्यीय अवैध हथियारों के गिरोह के एक शातिर तस्करी को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 10 पिस्टल और 50 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपी की पहचान अलीगढ़ जिले के खैर स्थित बिशनपुरी निवासी 30 वर्षीय संजय कुमार के तौर पर हुई है। वह मध्यप्रदेश से हथियार लाकर दिल्ली एनसीआर और यूपी में सप्लाई करता था। आरोपी की गिरफ्तारी को स्पेशल सेल की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। आरोपी संजय कुमार ने बताया वह चार सौ से ज्यादा पिस्टल और आठ सौ से अधिक कारतूस सप्लाई कर चुका है। वह अलीगढ़ में हत्या के एक मामले में भी शामिल रह चुका है।
डीसीपी पीएस कुशवाह के मुताबिक, एसीपी अत्तर सिंह के सुपरविजन में इंस्पेक्टर शिव कुमार, करमवीर, पवन कुमार, एसआई राजेश व टीम के अन्य को इनपुट मिला था कि गेट नंबर-दो इंद्रप्रस्थ पार्क के नजदीक से 9 और 10 मार्च की रात को आएगा। टीम ने ट्रैप लगाकर उसे पकड़ लिया। इसके पास मिले हथियार में 7 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल हैं। यहां वह हथियार एक जानकार को सप्लाई करने के लिए पहुंचा था। इसके खिलाफ साल 2019 में बने आर्म्स एक्ट के नए कानून के तहत स्पेशल सेल थाने में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई। इस नए कानून में दस साल की सजा से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है।
आरोपी ने पूछताछ में बताया वह बीते चार साल से इस धंधे में शामिल है। वह सेमी ऑटामेटिक पिस्टल मध्यप्रदेश में नौ से बारह हजार रुपए में खरीदता था, जिसे आगे अपराधियों को बीस से तीस हजार रुपए तक में बेच देता था। वहीं सिंगल शॉट पिस्टल की कीमत साढ़े तीन से साढ़े चार हजार रुपये है। यह पिस्टल भी सात से आठ हजार रुपए में दिल्ली एनसीआर में बिक जाती थी। आरोपी ने बताया उसे इस धंधे में सागर गौतम लेकर आया था। पहले वह डिलीवरी बॉय का काम करता था। सागर गौतम को पिछले साल नवंबर में स्पेशल सेल ने दिल्ली से अरेस्ट किया था। वह अभी जेल में बंद है।