इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वीसी, रजिस्‍ट्रार पर दो करोड़ की रिश्‍वत मांगने का आरोप


  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नौकरी के नाम पर घूस मांगने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है
  • इस वीडियो में एक संविदा कर्मचारी वाइस चांसलर और रजिस्टार पर भर्ती के टेंडर के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगा रहा है
  • विश्वविद्यालय प्रशासन ने वीडियो को मनगढ़ंत करार देते हुए वायरल करने वाले को ऊपर कड़ी कार्रवाई किये जाने की बात कही है
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नौकरी के नाम पर घूस मांगने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक संविदा कर्मचारी वाइस चांसलर संगीता श्रीवास्तव और रजिस्टार प्रोफेसर एन के शुक्ला पर भर्ती के टेंडर के नाम पर दो करोड रुपए के रिश्वत लेने का आरोप लगा रहा है। हालांकि वीडियो में दिख रहा शख्स कौन है यह पता नहीं चल पाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना पक्ष रखते हुए वीडियो को मनगढ़ंत करार देते हुए वायरल करने वाले को ऊपर कड़ी कार्रवाई किये जाने की बात कही है ।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने खाली पड़े 209 पदों के लिए संविदा कर्मचारियों की भर्ती निकाली है। जिसमें माली, सफाईकर्मी, चपरासी, कंप्यूटर ऑपरेटर, ऑफिस असिस्टेंट, इंजीनियरिंग विभाग में लिफ्ट ऑपरेटर, प्‍लंबर, इलेक्ट्रिकल हेल्पर, ट्यूबवेल ऑपरेटर, कार हेल्पर, इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, प्‍लंबर हेल्पर के 35 पदों पर भर्ती के लिए 25 मार्च को विज्ञापन का टेंडर जारी किया गया था।
लखनऊ की फर्म मै. सन फैसिलिटी सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड को वॉक इन इंटरव्यू करने को दिया गया है। इसी भर्ती प्रक्रिया में बैंक रोड विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में इंटरव्यू की प्रक्रिया 25 मार्च से शुरू कर 28 तक चलनी थी। कंपनी ने भर्ती प्रक्रिया लक्ष्यदीप इंफो प्लेसमेंट, प्रॉपर्टी एंड एजुकेशन ग्रुप के जरिए शुरू की गई।
शनिवार को गेस्ट हाउस में चल रही भर्ती प्रक्रिया में काफी संख्या में अभ्यार्थी जुटे थे। इस दौरान धांधली का आरोप लगाकर अभ्यार्थी हंगामा करने लगे। इस वजह से भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। इस बीच भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वीसी और रजिस्ट्रार को भर्ती के लिए पैसा लेने की बात सामने आ रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने रखा अपना पक्ष
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बकायदा प्रेस रिलीज जारी कर इस वीडियो को मनगढ़ंत बताया। साथ ही विश्वविद्यालय के वीसी और रजिस्ट्रार की छवि को धूमिल करने की बात कही। यह भी कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी विधिक कार्यवाही की संस्तुति की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर वीडियो वायरल होने के मामले में एजेंसी के निदेशक रवि कांत तिवारी ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए कर्नलगंज थाने में तहरीर दी है।रविकांत का कहना है यह एजेंसी और विश्वविद्यालय को बदनाम करने की साजिश है। वीडियो में घूस मांगने वाले को हम नहीं जानते और घूस मांगने वाला हमारा कर्मचारी भी नहीं है।