रेलवे स्टेशन पर अवैध आटो वालों पर गाजियाबाद पुलिस के अभियान का असर नहीं

गाजियाबाद ब्यूरो। क्षेत्राधिकारी ने मधुकांत कुमार ने चार्ज संभालने के कुछ दिन बाद ही रेलवे स्टेशन पर अवैध आटो वालों पर कार्रवाई करने के लिए अभियान छेड़ा था, मगर इस अभियान का अब असर खत्म हो गया है। स्टेशन परिसर में रात में तो अवैध आटो वालों के कारण यात्रियों का बुरा हाल रहता है। इससे न केवल रेलवे की आमदनी को झटका लग रहा है, बल्कि स्टेशन पर जाने-जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी हो रही है।
रेलवे स्टेशन आटो स्टैंड पर आटो खड़ा करने के लिए पंजीकरण कराना होता है। आटो खड़ा करने के लिए प्रत्येक माह चालकों को शुल्क देना होता है। शुल्क से बचने के लिए कुछ आटो चालकों ने पंजीकरण नहीं कराया है। वह अवैध तरीके से स्टैंड पर आकर खड़े हो जाते हैं। स्टैंड पर अवैध रूप से खड़े आटो चालकों से कई रेलवे कर्मचारियों पर वसूली करने का आरोप लग चुका हैं। पंजीकरण आटो चालक को प्रत्येक माह करीब 700 रुपये देने होते हैं। जबकि कई कर्मचारी ज्यादातर चालकों से 200 से 300 रुपये लेकर उन्हें अवैध रूप से खड़ा करने की इजाजत दे देते हैं। ऐसे में रेलवे की आमदनी को झटका लग रहा था। 
क्षेत्राधिकारी मधुकांत कुमार ने अवैध आटो चालकों पर कार्रवाई करने का अभियान शुरू किया। एक माह पहले रेलवे में करीब 25 आटो ही पंजीकृत थे। क्षेत्राधिकारी आदेश पर पंजीकृत आटो पर स्टीकर लगाए गए हैं। बिना स्टीकर वाले आटो को रेलवे परिसर में जाने की इजाजत नहीं दी गई है। इससे सिटी की तरफ पंजीकृत आटो वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। जिस वजह से अवैध आटो वाले स्टेशन के बाहर खड़े हो रहे हैं। इससे पंजीकृत आटो वालों को भी नुकसान हो रहा है। रेलवे रोड पर अवैध आटो वालों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है।