आईआईटी कानपुर की स्टडीः रोजाना 1 लाख कोरोना केस आ सकते हैं देश में


कानपुर ब्यूरो। कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने गणितीय मॉडल के आधार पर चेतावनी जारी की है। एक अध्ययन में बताया गया है कि एक कोविड मरीज से संक्रमित होने वाले लोग लगातार बढ़ रहे हैं। यह संख्या फरवरी में शून्य से नीचे थी, जो अब बढ़कर 1.25-1.30 तक पहुंच गई है। लोग ऐसे ही संक्रमित हुए तो भारत रोज एक लाख केस का आंकड़ा छू सकता है। वहीं दूसरे मॉडल में बताया गया है कि महाराष्ट्र और देश में केस 15 अप्रैल तक बढ़ते रहेंगे। इसके बाद गिरावट शुरू होगी। जून के अंतिम हफ्ते में केस फिर न्यूनतम स्तर पर पहुंचने की संभावना है।
भारत सरकार की तरफ से जारी होने वाले डेटा के आधार पर प्रफेसर महेंद्र वर्मा ने बताया कि फरवरी में रीप्रॉडक्शन वैल्यू 0 से नीचे थी। इसका मलतब यह था कि कोविड का असर न्यूनतम था। धीरे से इसमें बढ़त शुरू हुई और अब ये 1.25-1.30 के खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। महाराष्ट्र, पंजाब, आंध्र प्रदेश में यह दर सबसे ज्यादा है। उत्तर प्रदेश में भी रीप्रॉडक्शन वैल्यू में इजाफा होने लगा है। बढ़त जारी रही तो देश रोजाना एक लाख केस प्रतिदिन के आंकड़े को छू सकता है। यह बहुत सावधान रहने का समय है। पहली लहर में एक दिन में अधिकतम 97 हजार 500 केस रेकॉर्ड किए गए थे। प्रफेसर वर्मा के अनुसार, राहत की बात यह है कि दूसरी लहर में वायरस म्यूटेट होकर कमजोर पड़ा है। लोग मास्क के साथ दूरी बनाकर रखें और वैक्सीन लगवाएं तो इस बढ़त को काफी हद तक थामा जा सकता है।
अप्रैल-मई में आएगी मुश्किल
आईआईटी कानपुर के साइबर सिक्यॉरिटी हब के प्रोग्राम डायरेक्टर मणींद्र अग्रवाल के अनुसार, महाराष्ट्र अगले दो हफ्ते में पीक पर होगा। मॉडल के आधार पर महाराष्ट्र में रोजाना 45-50 हजार केस आ सकते हैं। इसी तरह पंजाब रोजाना 3500 केसों के साथ पीक पर होगा। केरल में अप्रैल मध्य में केस न्यूनतम स्तर पर होंगे। दिल्ली में भी अप्रैल-मई में संक्रमण के 5-6 हजार नए केस रिपोर्ट हो सकते हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश अप्रैल के अंतिम हफ्ते में रोज 6 हजार केस का आंकड़ा छू सकता है। पहली लहर के चरम में यूपी में रोज करीब 7 हजार केस रेकॉर्ड किए गए थे। गोवा 300 केसों के साथ मई के पहले हफ्ते में चरम पर होगा।