24 घंटे जल रहे थे शव, पिघल गया ब्लोवर का पंखा, शवदाह की दोनों मशीनें बंद


वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। काशी श्मशान घाट पर शवों की कतार लगी है तो दूसरी तरफ हरिश्चंद्र घाट पर कोरोना से मृतकों के दाह संस्कार करने वाला सीएनजी शवदाह गृह बुधवार को खराब हो गया। कोरोना के शवों के बढ़ते दबाव के कारण शव दाह गृह के मशीनों के ब्लोवर का पंखा पिघल गया। इसके कारण मशीन ने अचानक काम करना बंद कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, सीएनजी शव दाह गृह की दोनों मशीनें खराब होने के बाद कोरोना से मृतकों के शव का नगर निगम ने हरिश्चंद्र घाट पर लकड़ियों के चिताओं पर अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान शव दाह करने आए परिजनों को घंटों इंतजार भी करना पड़ा।
जारी है रिपेयरिंग का काम
सीएनजी शवदाह गृह की दोनों मशीनें खराब होने के बाद उसके रिपेयरिंग का काम शुरू हो गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि शुक्रवार को दोबारा से इसे शुरू किया जा सकता है। शवदाह गृह के प्रभारी अजय राम ने बताया कि सीएनजी शवदाह गृह के दोनों चैंबर गर्म होने के कारण बन्द हो गए हैं। एक मशीन में लगा ब्लोवर का पंखा गर्म होकर पिघल गया है, जबकि दूसरी में कोई तकनीकी खराबी है। दोनों मशीनों को दुरुस्त करने का काम जारी है।
बढ़ गया दबाव
वाराणसी के हरिश्चन्द्र घाट स्थित सीएनजी शव दाह गृह खराब होने के बाद घाटों पर शवों के अंतिम संस्कार का दबाव बढ़ गया है। पहले से ही लोगों को शव के अंतिम संस्कार के लिए 4 से 6 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा था। अब परिजनों का इंतजार और भी बढ़ गया है।