अंतिम संस्कार के नाम पर ठगी : एक वेबसाइट पर 25 हजार रुपये में की थी बुकिंग, शव लेकर पहुंचे तो नहीं थी कोई व्यवस्था


नोएडा। संक्रमितों के अंतिम संस्कार कराने के नाम पर भी लोगों के साथ ठगी हो रही है। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। सेक्टर-78 निवासी युक्ति आर्य का आरोप है कि एक रिश्तेदार की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए एक वेबसाइट पर 25 हजार रुपये में बुकिंग की थी, लेकिन जब शव को लेकर दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पहुंचे तो वहां पर कोई व्यवस्था नहीं थी। 
चार घंटे तक इधर-उधर टहलने के बाद मजबूरी में ब्रज घाट ले जाना पड़ा। इसके लिए एंबुलेंस चालक ने 25 हजार रुपये अलग से ले लिए। इसके बाद उन्होंने आईजीआरएस पर शिकायत करते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। वे फिटनेस ट्रेनर युक्ति फिट इंडिया मूवमेंट की ब्रांड एंबेसडर भी हैं। 
उन्होंने बताया कि सेक्टर-74 अजनारा ग्रैंड निवासी एक रिश्तेदार की ग्रेनो वेस्ट स्थित एक अस्पताल में बुधवार देर रात कोरोना से मौत हो गई। गुरुवार को शव का अंतिम संस्कार कराना था। परिजन नोएडा सेक्टर-94 स्थित श्मशान घाट पहुंचे तो 18 घंटे बाद का समय मिला। इस पर उन्होंने अंतिम संस्कार के लिए आसपास श्मशान घाट की ऑनलाइन तलाश की तो एक कंपनी का नाम सामने आया। गूगल से नंबर लेने के बाद बात की तो उन्होंने दोपहर एक बजे का समय दिया गया। 
अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपये जमा करा लिए गए। तय समय के दो घंटे बाद एंबुलेंस आई और शव को दिल्ली की लोधी रोड स्थित श्मशान घाट ले जाया गया, लेकिन वहां पर कंपनी की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इसके बाद कंपनी ने गाजीपुर श्मशान घाट भेज दिया। वहां पर स्थिति और भी अधिक खराब थी। जब कंपनी संचालक से बात करने का प्रयास किया तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। 
इसके बाद रिश्तेदारों ने ब्रज घाट जाने का निर्णय लिया, लेकिन एंबुलेंस चालक ने बताया कि उसे नोएडा से दिल्ली लाने का पैसा मिला था। यदि ब्रज घाट ले जाना है तो 25 हजार रुपये देने होंगे। मजबूरी में परिजन 25 हजार रुपये देकर ब्रज घाट पहुंचे और वहां पर अपने पैसों से स्वयं अंतिम संस्कार किया। उन्होंने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के साथ आलाअधिकारियों से भी की है।