दिल्ली मेट्रो को एक साल के भीतर हो गया 3000 करोड़ रुपये का घाटा !


नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 19 अप्रैल से जारी लॉकडाउन ने न केवल बाजार और रोजगार को प्रभावित किया है, बल्कि इससे दिल्ली मेट्रो रेल निगम को भी भारी नुकसान हो रहा है। 3000 करोड़ रुपये से अधिक के घाटे के साथ चल रही दिल्ली मेट्रो अब लॉकडाउन के कारण और भी बेहद कम क्षमता के यात्रियों के साथ दिल्ली-एनसीआर में दौड़ रही है। मार्च 2020 में कोरोना वायरस संक्रमण से पहले दिल्ली मेट्रो की रोजाना कमाई 10 करोड़ रुपये थी, लेकिन इसके बाद लगातार 6 महीने तक बंद रही। सितंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली मेट्रो का संचालन तो शुरू हुआ, लेकिन कम यात्रियों की क्षमता के साथ, जो अब तक जारी है। हालांकि, दिल्ली मेेट्रो के घाटे को लेकर अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। 
लॉकडाउन ने दिया बड़ा झटका
अब तक दिल्ली मेट्रो बेहद कम झमता के साथ रफ्तार भर रही थी, लेकिन 19 अप्रैल से दिल्ली में लगाए गए लॉकडाउन ने तो उसे फिर से आर्थिक नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। दिल्ली में आगामी 3 मई तक चलने वाले लॉकडाउन को देखते हुए मेट्रो सेवाओं में कटौती की गई है। दिल्ली में लॉकडाउन के दौरान दिल्ली मेट्रो की सेवा रोजाना की तरह नहीं रहेगी। इस दौरान सुबह और शाम के वक्त आधे घंटे के अंतराल और बाकी समय में एक घंटे के अंतराल पर चलेगी। इतना ही नहीं, 3 मई तक दिल्ली मेट्रो सभी रूटों पर सुबह 8 से 10 बजे के बीच और शाम को 5 बजे से 7 बजे के बीच आधे घंटे के अंतराल पर चलाई जा रही है। वहीं बाकी समय के बीच मेट्रो सेवा एक घंटे के अंतराल पर चल रही है। दिल्ली मेट्रो की ओर से यह बताया गया है कि सभी रूट पर इसी टाइम पर मेट्रो सेवा चालू रहेगी। लॉकडाउन के दौरान जिनको सफर करने की छूट है वही यात्री सफर कर सकेंगे। जाहिर है कि लॉकडाउन के कारण बहुत सी कंपनियां और फैक्ट्रियां बंद है। इससे आवागमन बंद है और जो आवाजाही कर भी रहे हैं, उनकी संख्या बेहद कम है।