महाराष्ट्र का मंदिर आया मदद के लिए सामने, 500 बेड का आइसोलेशन वार्ड, रसोई में बन रहा 2,000 के लिए भोजन


महाराष्ट्र डेस्क। महाराष्ट्र में कोरोना विस्फोट के बाद लॉकडाउन लगाने को लेकर सीएम उद्धव ठाकरे मैराथन मीटिंग कर रहे हैं। रात करीब साढ़े आठ बजे कोरोना टास्क फोर्स के साथ भी मुख्यमंत्री की बैठक है। माना ये जा रहा है कि एक से दो दिन में महाराष्ट्र में लॉकडाउन पर कोई बड़ा फैसला हो सकता है। महाराष्ट्र में 63 हजार से ज्यादा केस एक दिन में सामने आए हैं। संक्रमण के लगातार बढ़ते आकड़ों ने अस्पतालों में अव्यवस्था को भी बढ़ा दिया है। कहीं मरीजों को बेड नहीं मिल रहा तो कहीं कुर्सी पर बिठाकर ऑक्सीजन दिए जाने की खबर सामने आई। महाराष्ट्र के तमाम अस्पतालों से आती ऐसी खबरों ने सरकार की चिंता को बढ़ा दिया है। 
महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना के कहर को देखते हुए राज्य के सबसे बड़े धार्मिक केंद्रों में से एक संत गजानन मंदिर सेवा के लिए सामने आया है। महाराष्ट्र के संत गजानन महाराज मंदिर अपने सभी संसाधनों के साथ कोरोना के खिलाफ जंग में उतर गया है। यह मंदिर 22 मार्च से श्रद्धालुओं के लिए बंद है। सूत्रों के अनुसार इसे चलाने वाले ट्रस्ट ने 2 बड़े भवनों को सौंप दिया है। डिसमें विशाल सामुदायिक रसोई भी शामिल है। यहां कोरोना संदिग्धों और रोगियों के लिए 500 बेड के अलग-अलग आइसोलेशन परिसर बनाए गए हैं। वहीं सामुदायिक रसोई में 2000 लोगों के लिए दोपहर और रात का भोजन तैयार किया जा रहा है। 
गौरतलब है कि कोरोना के नए मामले इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि इस समय मुंबई में 6 लाख से ज्यादा लोग होम क्वारंटाइन हैं। बीएमसी के मुताबिक शहर में करीब 90 हजार एक्टिव केस हैं। इनमें से 75 हजार बिना लक्षणों के हैं उनकी हालत स्थिर है।