आजादी के 70 साल बाद 23 गांव को मिला वोटिंग अधिकार, यूपी पंचायत चुनाव में पहली बार डालेंगे वोट


गोरखपुर। योगी सरकार में राजस्व ग्राम घोषित होने के बाद यूपी के गोरखपुर और महराजगंज के 23 वनटांगिया गांव पहली बार पंचायत चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभाकर गांव की सरकार चुनने जा रहे हैं। आजादी के 70 सालों बाद वनटांगिया गांवों के लोग पहली बार पंचायत चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए ग्राम प्रधान चुनेंगे और अपने गांव की सरकार बनाएंगे। 2017 से पहले वनटांगिया गांव राजस्व ग्राम के रूप में अभिलेखों में दर्ज नहीं थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम घोषित कर उन्हें आजाद देश में मिलने वाली सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा।
पहली बार पंचायत चुनाव में डालेंगे वोट
योगी सरकार में राजस्व ग्राम घोषित होने के बाद गोरखपुर और महराजगंज के 23 वनटांगिया गांव पहली बार पंचायत चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। जिसमें गोरखपुर के पांच और महराजगंज के 18 वनटांगिया गांव शामिल हैं।
योगी सरकार की पहल से मिला वोटिंग का अधिकार
2017 के विधानसभा सभा चुनाव में इन गांव के लोगों को वोट डालने का अधिकार मिला था लेकिन यह पहली बार है जब पंचायत चुनाव में वनटांगिया अपने वोट डालेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने जब इन गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाया तो उसके बाद से इन्हे मूलभूत सुविधाएं भी मिलने लगीं।
वनटांगिया गांव अंग्रेजी शासन में 1918 के आसपास बसाए गए थे। मकसद साखू के पौधों का रोपण कर वनक्षेत्र को बढ़ावा देना था। इनके जीवन यापन का एकमात्र सहारा पेड़ों के बीच की खाली जमीन पर खेतीबाड़ी था। गोरखपुर में कुसम्ही जंगल के पांच इलाकों में फैले जंगल में इनकी बस्तियां 100 साल से अधिक पुरानी हैं। 1998 में गोरखपुर से पहली बार सांसद बनने के बाद योगी आदित्यनाथ वनटांगियों के संघर्ष के साथी बने और अपने संसदीय कार्यकाल में सड़क से सदन तक उनके हक के लिए आवाज बुलंद करते रहे।
मुख्यमंत्री मनाते रहे है वनटांगियों के साथ त्योहार
वनटांगियों से योगी की आत्मीयता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह 2009 से उन्हीं के बीच दिवाली मनाते हैं और मुख्यमंत्री बनने के बाद भी यह सिलसिला नहीं टूटा।
वन टांगियों ने पेश की है नजीर खींचा है पूरे देश का ध्यान अपनी ओर
महराजगंज के वनटांगिया तो वास्तव में नजीर बनकर सामने आए है। वनटांगिया किसानों की एफपीओ ने सुनहरी शकरकंद की खेती और इसकी मार्केटिंग के लिए अहमदाबाद की एक कम्पनी से करार कर पूरे देश का ध्यान खींचा है। एफपीओ से जुड़े प्रमुख वनटांगिया किसान रामगुलाब की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने रामगुलाब से पिछले साल 25 दिसम्बर को वर्चुअल संवाद भी किया था।