भाई-बहन संक्रमित, दिल्ली पुलिस ने कराया बुजुर्ग का अंतिम संस्कार


  • सोशल मीडिया से खबर मिलने के बाद पुलिस ने कराया बुजुर्ग का अंतिम संस्कार
  • बहन-भाई की काउंसलिंग कराकर दोनों को खाना उपलब्ध करवाया
  • इसके बाद कोरोना से मरे पिता का लोधी रोड स्थित शमशान घाट में अंतिम संस्कार कराया
दिल्ली ब्यूरो। कोरोना की इस घड़ी में जहां अपनों ने भी मुंह मोड़ लिया है, ऐसे समय में दिल्ली पुलिस लोगों के लिए मसीह का काम कर रही है। अपने इस नेक काम के लिए दिल्ली पुलिस के जवान अपना जीवन भी दांव पर लगा रहे हैं। कोटला मुबारकपुर में कुछ ऐसा ही हुआ। एक घर में बुजुर्ग की कोरोना से मौत हो गई। घर में मौजूद बेटा-बेटी की भी हालत खराब थी। 
बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं था। सोशल मीडिया से खबर मिलने के बाद कोटला थाना पुलिस घर पहुंची। दोनों बहन-भाई के खाने-पीने का इंतजाम कराने के बाद बुजुर्ग पिता का लोधी  कालोनी थाने में अंतिम संस्कार करवाया गया। बहन-भाई को आगे भी मदद का भरोसा दिया गया।
दक्षिण-जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि मंगलवार देर रात करीब 11.30 बजे पुलिस को सोशल मीडिया से एक मैसेज मिला था। उसमें एक युवक अपनी बहन के साथ मिलकर मदद की गुहार लगा रहा था। कोटला मुबारकपुर थाना अध्यक्ष विनय त्यागी ने तुरंत दिए गए नंबर से संपर्क किया। युवक ने अपना नाम सौभाग्य रंजन (28) बताया। 
उसने बताया कि  वह मूलरूप से उड़ीसी का रहने वाला है और यहां किराए के मकान में अपने पिता व बहन के साथ रहता था। पिछले कुछ दिनों से घर के सभी सदस्यों की तबीयत ठीक नहीं थी। खुद सौभाग्य को खांसी के साथ खून आ रहा था। उनके घर में खाने को भी कुछ नहीं था। मंगलवार शाम को उसके पिता गुरुचरण (62) की सांस लेने में तकलीफ होने के बाद मौत हो गई।
कोई मदद को नहीं आया तो उसने सोशल मीडिया पर गुहार लगाई। बातचीत होने के बाद फौरन एक टीम को कोटला के अर्जुन नगर सौभाग्य के घर भेजा गया। वहां पहले उनको खाने-पीने का सामान दिया गया। इसके बाद बहन-भाई की काउंसलिंग कराई गई। बाद में शव को कब्जे में लेकर उसे लोधी रोड स्थित शमशान में अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया। फिलहाल दोनों बहन-भाई की देखरेख का जिम्मा एक एनजीओ ने ले लिया है। अब दोनों का उपचार भी किया जा रहा है।