नाइट कर्फ्यू में चाय दुकान बंद कराने पहुंची पुलिस पर हमला, आरोपियों ने गरम चाय फेंके, महिलाओं ने पत्थर बरसाए


  • भोपाल में नाइट कर्फ्यू के दौरान पुलिस पर हमला
  • रात 11 बजे तक खुली चाय दुकान को बंद कराने पहुंची थी पुलिस
  • दुकान मालिक के घर की छत से महिलाओं ने पुलिस पर बरसाए पत्थर
  • घर की महिलाओं का आरोप, पुलिस ने की है पिटाई
भोपाल। अपराधियों की पुलिस के साथ झगड़ा का परिणाम एक परिवार को भुगतना पड़ा है। घर में घुसकर पुलिसकर्मियों ने बुजुर्ग महिला और परिवार के लोगों के साथ मारपीट की है। भोपाल के हनुमानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत काजी कैंप क्षेत्र में शुक्रवार की बीती रात्रि लगभग 11बजे चाय की दुकान संचालक और उसके साथियों के साथ पुलिस की झूमाझटकी हुई थी।
नाइट कर्फ्यू के दौरान पुलिसकर्मी दुकान बंद करवाने पहुंचे थे। इसी बात को लेकर दुकानदार से पुलिसकर्मियों की मारपीट हो गई। इसमें एक एएसआई समेत कॉन्स्टेबल घायल हुए। उसके बाद पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और दो आरोपी फरार चल रहे है। फरार आरोपी जब नहीं मिले तो पुलिस घर पहुंच गई। आरोप है कि पुलिस ने आरोपी की मां, पत्नी और बेटी के साथ मारपीट की है।
दरअसल, भोपाल में रात्रि 9:00 बजे से नाइट कर्फ्यू लागू हो जाता है, जिसके बाद सभी संस्थान बंद कराए जाते हैं। वहीं, पुलिस को सूचना मिली थी कि देर रात एक चाय दुकान खुली है। पुलिस उसी चाय की दुकान को बंद कराने पहुंची थी। उसी दौरान चाय दुकान मालिक और पुलिस के बीच विवाद हो गया। वहीं, उसके मित्रों ने आकर पुलिस के साथ मारपीट की, जिसके बाद चाय दुकान मालिक फरार हो गया।
पुलिस उसे ढूंढने उसके घर पहुंची जब वह घर पर नहीं मिला तो परिजनों के साथ पुलिस ने प्लास्टिक के पाइप डंडे से मारपीट कर दी। वहीं, इस मारपीट में आरोपियों की बुजुर्ग मां 9 साल की बच्ची सहित उसकी पत्नी के साथ मारपीट की गई।
वहीं, पुलिस ने कहा है कि काजी कैंप पर रात्रि लगभग 11 बजे जहीर मौलाना की दुकान अल मदीना टी स्टॉल के खुले होने की सूचना मिली थी। शिकायत मिलने पर काजी कैंप ड्यूटी में मौजूद एसआई संजय दुबे, एएसआई अरविंद जाट और हेड कॉन्स्टेबल लोकेश जोशी मौके पर पहुंचे। जहीर की दुकान में जहीर और उसके लड़के सावेज, सलमान वह कुछ ग्राहकों ने चाय के गिलास पुलिस के ऊपर मारे। गरम चाय एएसआई अरविंद जाट के ऊपर डाल दी और पुलिस वालों के साथ धक्का-मुक्की कर दुकान अंदर से बंद कर ली। उसके बाद जहीर और उसके दोनों लड़के, घर की महिलाओं ने छत के ऊपर से पत्थर बरसाने लगे।