हिंडन घाट पर कोरोना पॉजिटिव शव के अंतिम संस्कार के दौरान बरती जा रही है बड़ी लापरवाही


गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण और सामान्य मौत का आंकड़ा बढ़ा तो हिंडन मोक्ष स्थली पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था चरमरा गई। करीब चार घंटे की वेटिंग लग रही है। बुधवार को 60 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। हालात यह है कि शवों का अंतिम संस्कार कराने के लिए पंडितों की संख्या कम पड़ गई है। अपनों के दुनिया से चले जाने के गम के बाद सुबह से शाम तक अंतिम संस्कार कराने के लिए इंतजार करना लोगों की पीड़ा और बढ़ा रहा है। बुधवार को लोग खुद ही शवों का अंतिम संस्कार करने लगे। वह श्मशान घाट के कर्मचारियों से कह रहे थे कि मंत्र भले ही न बोलो भैया, बस अंतिम संस्कार करा दो। अब इस ‘मिट्टी’ की दुर्दशा मत कराओ।
कोरोना संक्रमण बढ़ने से पहले जहां हिंडन मोक्ष स्थली पर रोजाना 15 से 18 शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे थे, वहीं अब इनकी संख्या 65 तक पहुंच गई है। शवों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन भी करना पड़ रहा है। इसकी वजह से एक-एक शव को अंतिम संस्कार के लिए प्लेटफार्म पर भेजा जाता है। एक अंतिम संस्कार हो जाने के बाद बाद दूसरे शव को प्लेटफार्म पर भेजा जाता है। इसके चलते यहां वेटिंग लग रही है। ऐसे में शवों को घंटों तक मोक्ष स्थली परिसर में ही बाहर रखवा दिया जाता है। धूप और गर्मी में शव को बाहर की ओर रख दिए जाने से लोगों की न केवल भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि उन्हें परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को हिंडन मोक्ष स्थली पर लगभग 40 से ज्यादा शवों का सामान्य तौर पर और करीब 20 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत कराया गया। बुधवार को कोविड प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार करने में देरी हुई तो कई लोगों ने खुद ही शव को चिता पर लेटाकर अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया। उधर, सरकारी आंकड़ों में बीते 24 घंटे में सिर्फ 8 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से होना बताया गया है।