भोजपुर थाने के निलंबित एसएचओ और एसएसआई हुए फरार, संभावित ठिकानों पर दी जा रही है दबिश


गाजियाबाद/मोदीनगर। भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज होने का बावजूद पुलिस भोजपुर थाने के निलंबित एसएचओ प्रदीप कुमार और एसएसआई शकील अहमद को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। मुकदमा दर्ज होने के दो दिन बाद भी दोनों के बारे में कोई सुराग तक नहीं लग सका है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों फरार चल रहे हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
खाकी के दामन पर भ्रष्टाचार का कलंक के लगाने वाले निलंबित एसएचओ प्रदीप कुमार और एसएसआई शकील अहमद का यह कोई पहला कारनामा नहीं है। इससे पहले भी कई मामले पुलिस की साख पर उंगली उठा चुके हैं। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि इंस्पेक्टर को हाल ही में चार्ज मिला था, जबकि पूरे थाने पर एसएसआई शकील अहमद का साम्राज्य था। गत फरवरी माह में इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार को भोजपुर थाने का प्रभारी बनाया गया था। कुछ दिन बाद ही एक गांव निवासी महिला की भैंस चोरी हो गई थी। उसने घटना की तहरीर दी थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर चोरी की भैंस बरामद कर ली थी। आरोप है कि पुलिस ने चोरी की भैंस का सौदा क्षेत्र के एक रसूखदार को कर दिया और साठगांठ कर दो आरोपियों को शांतिभंग तथा एक को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया।
गोपनीय जांच की रिपोर्ट आनी है बाकी
पुलिस के खेल का पता लगने पर पीड़िता को जानकारी लगी तो उसने तहसील दिवस में शिकायत की थी। जांच थाने के एक दरोगा को दी गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर एक आरोपी के खिलाफ भैंस चोरी का मुकदमा दर्ज किया था। सूचना महकमें में लीक हुई तो मामले की गोपनीय जांच शुरू हो गई। जिसकी रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। बताया जा रहा है कि इस जांच रिपोर्ट में एसएसआई के अलावा थाने के अन्य पुलिसकर्मी भी कार्यवाही के दायरे में आ सकते हैं।
एक चौकी पर तैनात सिपाही खेल करने में माहिर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक एसएसआई शकील अहमद के अलावा थाने की एक चौकी पर तैनात सिपाही भी घटनाओं में खेल करने में माहिर है। वह पूर्व में एसओजी में तैनात रह चुका है, जिसके चलते वह पुलिसगिरी के सभी दांवपेंच में माहिर है। अधिकारियों का कहना है कि उक्त सिपाही के खिलाफ भी कई शिकायतें मिली थीं, जिनकी जांच की जा रही है। जांच में आरोप सही साबित होने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
फोर्स की कमी और कोरोना संक्रमण आ रहा आड़े
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भोजपुर थाने के छह पुलिसकर्मी बुधवार को कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा जिलेभर से काफी संख्या में फोर्स की ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगी है। इसी के चलते घटनाओं के खुलासे व वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी भी काफी हद तक प्रभावित हो रही है। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि निलंबन के बाद से ही इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार और दरोगा शकील अहमद फरार चल रहे हैं। सभी संभावित स्थानों पर उनकी तलाश की जा रही है। जल्द गिरफ्तार को दोनों को जेल भेजा जाएगा।
रिश्वत लेकर गोकशी के आरोपी को चाकू में भेजा था जेल
भोजपुर पुलिस ने गोकशी के आरोपी को गिरफ्तार किया था। बाद में मोटी रकम लेकर उसे महज चाकू में गिरफ्तार दिखा कर जेल भेजा गया। गोकशी के सबूतों के साथ गिरफ्तारी के दौरान किसी ने आरोपी की वीडियो बना ली थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। इसके बाद एसएसपी अमित पाठक ने जांच बैठाई थी, जिसमें एसएचओ प्रदीप कुमार और एसएसआई शकील अहमद भ्रष्टाचार के आरोपी पाए गए। एसएसपी ने दोनों को निलंबित करते हुए मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। मुकदमा दर्ज हुए भी दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस दोनों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।