निवाड़ी में फैक्टरी में सैनिटाइजर से बनाई जा रही थी शराब, भाई समेत संचालक गिरफ्तार


गाजियाबाद ब्यूरो। मसूरी के बाद पुलिस ने अब निवाड़ी क्षेत्र में सैनिटाइजर से बन रही शराब की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। वहां से मुरादनगर निवासी फैक्टरी संचालक पवन और उसके भाई सोनू को गिरफ्तार किया है। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मौके से भारी मात्रा में सैनिटाइजर, गैर प्रांत की शराब, खाली बोतलें, रैपर और होलोग्राम आदि बरामद हुए। पंचायत चुनाव में शराब की मांग को पूरी करने के लिए एक ही गिरोह ने मसूरी और निवाड़ी क्षेत्र में शराब की फैक्टरी शुरू की थी। इस धंधे से जुड़े छह आरोपी अभी फरार हैं।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर रविवार को मसूरी थानाक्षेत्र के आकाशनगर से शराब की फैक्टरी का भंडाफोड़ कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों से पूछताछ में पता चला था कि उन्हीं के गैंग का पवन निवाड़ी की रामविहार कॉलोनी में शराब की फैक्टरी चला रहा है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर रामविहार कॉलोनी में बताए स्थान पर छापा मारा तो वहां फैक्टरी संचालित मिली। फैक्टरी संचालक पवन व उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह में शामिल मुरादनगर निवासी रवि, ग्राम नवादा बुलंदशहर निवासी मनोज, ग्राम किशनपुर बुलंदशहर निवासी नत्थू, आशीष निवासी अलीगढ़, रमन और सुभाष फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
चुनाव में पैसा कमाने को पवन व संजय ने एक साथ शुरू की फैक्टरी
एसपी ग्रामीण ने बताया कि मसूरी क्षेत्र में फैक्टरी चलाने वाला संजय और निवाड़ी में फैक्टरी चलाने वाला पवन साथी दोस्त हैं। पूर्व में दोनों गैर प्रांत की शराब की तस्करी दिल्ली-एनसीआर में करते थे, लेकिन पंचायत चुनाव में ज्यादा पैसा कमाने के मकसद से उन्होंने शराब की फैक्टरी चलाने का फैसला किया। संजय ने मसूरी तो पवन ने निवाड़ी में फैक्टरी शुरू की। पवन ने बताया कि फैक्टरी चलाने के लिए पांच हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर जगह ली थी।
सभी आरोपियों पर लगेगा रासुका
एसपी ग्रामीण ने बताया कि शराब तस्करी व बनाने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मसूरी व निवाड़ी क्षेत्र में शराब की फैक्टरी चलाने वाले संचालकों व उनके गैंग से जुड़े लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाई जाएगी। साथ ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर संपत्ति कुर्क की जाएगी।
मिथाइल अल्कोहल में बदलते ही जहरीली हो जाती शराब
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सैनिटाइजर एक तरह का ईथाइल अल्कोहल होता है। इससे बनने वाली शराब मिलावटी होती है। केमिकल रिएक्शन या शराब बनाने में प्रयुक्त पदार्थों की कम-ज्यादा होने पर ईथाइल अल्कोहल अगर मिथाइल अल्कोहल में बदल जाए तो वह जहरीला हो जाता है। उक्त दोनों फैक्टरियों में बन रही शराब मिलावटी थी, जो सेहत के लिए हानिकारक थी।
आसपास के जिलों में होती थी सप्लाई
पुलिस के मुताबिक, फैक्टरी संचालक संजय और पवन गैंग के सरगना थे, जो शराब की सप्लाई का ऑर्डर लेते थे। गैंग से जुड़े अन्य सदस्य कार और मिनी ट्रक आदि में भरकर शराब को ठिकाने तक पहुंचाते थे। दोनों फैक्टरियों से बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा और वेस्ट यूपी के कई जिलों में शराब सप्लाई की जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों ने सरकारी शराब ठेकों पर भी शराब सप्लाई करने की बात कबूल की है।
फैक्टरी से बरामद सामान
निवाड़ी में चल रही शराब फैक्टरी में 720 लीटर सैनिटाइजर, हरियाणा में बिक्री के वैध पांच पेटी शराब, यूपी ब्रांड की दो पेटी शराब, मिलावटी शराब बनाने में प्रयुक्त ढक्कन, रैपर, रोल, लेबल, बाल्टी आदि बरामद हुए हैं।